किसी भी निहंग या सरदार को पास बुलाकर कुछ सवाल पूछो ।
आपने हिंदुओं को बचाने के लिए कौन सी लड़ाई लड़ी ??
कोई एक लड़ाई बता दो। जबकि पंजाबीयो को बचाने के लिए राजपूत मराठा हमेशा पंजाब पहुंचे।
जब गुरु शहीद हो रहे थे तो आप लोग कहां पर थे??
कौन लोग थे जो खुद लड़ने की बजाय अपने धर्म गुरुओं को शहीद होने के लिए दिल्ली भेज दिए थे ??
बाद में उनके पवित्र शरीर को लेने तक नहीं पहुंचे।
पाकिस्तान किन लोगों ने लिया??
वही पंजाबी जो मुसलमान बन चुके थे। आज पाकिस्तान में सबसे बड़ी ताकत पंजाबी ही है। जबकि बलोच सिंधी और पठान पाकिस्तान की लड़ाई नहीं लड़े।
तो आप इतने मुसलमान बन ही क्यों ??
कि भारत के विभाजन हो गया।
पंजाबी लोग 80% मुसलमान बने (आज पाकिस्तान में 14 करोड़ है भारतीय पंजाब में सिर्फ 3 करोड़)
जबकि पहाड़ी 2% ही मुस्लिम बने।
फिर बताओ कौन किसका बाप है। बहादुर कौन है ??
आप लोग सिर्फ 6 हजार ही पाकिस्तान में क्यों रह गए??
उसमें से भी काफी लोग अपना धर्म बचाने राजपूतों के गढ़ सिंध के अमरकोट में क्यों शिफ्ट हो गए हो??
जहां आज भी 50 लाख हिंदू मुश्किल हालात में भी अपने धर्म साथ जुड़े हुए है।
आज पाकिस्तान में एक भी निहंग क्यों नहीं??
क्या आखिरी निहंग 1949 में ही मुसलमान बन गया था?
श्री करतारपुर साहब पंजाब बॉर्डर से सिर्फ 2 किलोमीटर दूर पाकिस्तान में है। आप उसको पंजाब में मिलने की मांग क्यों नहीं करते ? आप लोग मुसलमानो से इतना क्यों डरते हो ??
जबकि हिंदुओं से लड़ने के लिए कहीं भी पहुंच जाते हो।
"श्री हरमंदिर साहब की नींव मुस्लिम फकीर साईं मिया मीर ने रखी। ये झूठी कहानी आपने क्यों जोड़ी"। क्या सिर्फ मुसलमानो को खुश करना था।
क्या नींव रखने वाले गुरु रामदास की छवि धूमिल नहीं की गई ??
गुरु परिवार शहीद करने वाले और गुरु परिवार की महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ करने वाले नवाब शेर मोहम्मद अली खान के नाम का मलेरकोटला में आपने गुरुद्वारा क्यों बना दिया ??
क्या कोई हिंदू औरंगजेब का मंदिर बनाने की सोच भी सकता है??।
मुसलमानो की चमचागिरी करने में इतने गिर जाओगे।
साफ दिख रहा अगर आप सारे पाकिस्तान में रह जाते तो कब की सलवारे पहन के मुसलमान हो चुके होते।
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