Sunday, 16 August 2026

पूजन मे पत्नी कहाँ बैठे:-

पूजन मे पत्नी कहाँ बैठे:-

व्रतबन्धे विवाहेच चतुर्थ्यां सह भोजने । व्रतेदाने मखे (यज्ञे) श्राध्दे पत्नी तिष्ठति दक्षिणे ।।
वामे सिन्दूरदाने च वामे चैव द्विरागमने ।
वामेऽ शनैकशय्यायां भवेज्जाया प्रियार्थिनी ।।
सर्वेषु शुभकार्येषु पत्नी दक्षिणतः शुभाः।
अभिषेके विप्रपादप्रक्षालने चैव वामतः ।।
वामे पत्नी त्रिषु स्थाने पितृणां पादशौचने। रथारोहणकाले च ऋतुकाले सदा भवेत् ।।

हिंदू धर्मशास्त्रों (जैसे धर्मसिंधु ग्रंथ) से है। इसके अनुसार पूजा, यज्ञ और अन्य शुभ धार्मिक कार्यों में पत्नी को पति के दाहिने (दक्षिण - Right Side) बैठना चाहिए। केवल कुछ विशेष परिस्थितियों और सांसारिक कार्यों में ही पत्नी का स्थान बाईं (वाम - Left Side) ओर होता है। 

1. दाहिनी ओर (दक्षिण भाग) बैठने के नियम
श्लोक: व्रतबन्धे विवाहेच चतुर्थ्यां सह भोजने । व्रतेदाने मखे (यज्ञे) श्राध्दे पत्नी तिष्ठति दक्षिणे ।।
सर्वेषु शुभकार्येषु पत्नी दक्षिणतः शुभाः।
इन कार्यों में पत्नी को पति के दाहिनी ओर बैठना अनिवार्य और शुभ माना गया है: 

व्रतबन्ध (उपनयन/जनेऊ संस्कार के समय)
विवाह संस्कार के मुख्य अनुष्ठानों में
चतुर्थी कर्म और उसके बाद सहभोजन के समय
व्रत अनुष्ठान और दान करते समय
मख यानी यज्ञ/हवन और पूजन के समय
श्राद्ध कर्म (पितृ कार्य) करते समय
सभी प्रकार के शुभ और धार्मिक कार्यों में 

2. बाईं ओर (वाम भाग) बैठने के नियम 
श्लोक: वामे सिन्दूरदाने च वामे चैव द्विरागमने । वामेऽ शनैकशय्यायां भवेज्जाया प्रियार्थिनी ।।
अभिषेके विप्रपादप्रक्षालने चैव वामतः ।।
वामे पत्नी त्रिषु स्थाने पितृणां पादशौचने। रथारोहणकाले च ऋतुकाले सदा भवेत् ।।
इन विशिष्ट अवसरों, संस्कारों और सांसारिक कार्यों में पत्नी को बाईं ओर होना चाहिए: 

सिन्दूरदान के समय
द्विरागमन (गौना या वधू का दूसरी बार ससुराल आगमन) के समय
शयन (सोते) करते समय
अभिषेक (धार्मिक स्नान या दीक्षा) के समय
विप्रपादप्रक्षालन (ब्राह्मणों के चरण धोते समय)
पितृणां पादशौचने (पितरों के तर्पण या माता-पिता के चरण धोते समय)
रथारोहण (सवारी या यात्रा पर निकलते समय)
ऋतुकाल (गर्भाधान या वैवाहिक गृहस्थी के समय) 

धार्मिक कार्य (कर्म प्रधान): पूजा, हवन, दान और यज्ञ में पत्नी हमेशा दाहिनी ओर बैठती है क्योंकि शास्त्रों में इस हिस्से को ऊर्जा और कर्म की सफलता का प्रतीक माना गया है।। 

संस्कार व सांसारिक कार्य (भावना प्रधान): विवाह के कुछ क्षणों (जैसे सिन्दूरदान), सेवा, यात्रा और शयन में पत्नी बाईं ओर (वामांगी) होती है क्योंकि बाईं ओर को प्रेम और करुणा का स्थान माना गया है।

Friday, 14 August 2026

उच्छिष्ट गणपति साधना

● उच्छिष्ट गणपति साधना करने में अत्यन्त सरल, शीघ्र फल को प्रदान करने वाला, अन्न और धन की वृद्धि के लिए, वशीकरण को प्रदान करने वाला भगवान गणेश जी का ये दिव्य तांत्रिक साधना है । इसकी साधना करते हुए मुँह को जूठा रखा जाता है एवं सुबह दातुन भी करना वर्जित है ।

उच्छिष्ट गणपति साधना को जीवन की पूर्ण साधना कहा है। मात्र इस एक साधना से जीवन में वह सब कुछ प्राप्त हो जाता है, जो अभीष्ट लक्ष्य होता है। अनेक इच्छाएं और मनोरथ पूरे होते हैं। इससे समस्त कर्जों की समाप्ति और दरिद्रता का निवारण,निरंतर आर्थिक व्यापारिक उन्नति,लक्ष्मी प्राप्ति,रोजगार प्राप्ति,भगवान गणपति के प्रत्यक्ष दर्शनों की संभावना भी है। यह साधना प्रयोग किसी भी बुधवार को रात्रि में संपन्न किया जा सकता है।

साधक निम्न सामग्री को पहले से ही तैयार कर लें, जिसमें जल पात्र, केसर, कुंकुम, चावल, पुष्प, माला, नारियल, दूध,गुड़ से बना खीर, घी का दीपक, धूप-अगरबत्ती, मोदक आदि हैं। इनके अलावा उच्छिष्ट गणपति यंत्र और मूंगे की माला की आवश्यकता होती है।

सर्वप्रथम साधक, स्नान कर,लाल वस्त्र पहन कर,आसन भी लाल रंग का हो, पूर्व/उत्तर की ओर मुख कर के बैठ जाए और सामने उच्छिष्ट गणपति सिद्धि यंत्र को एक थाली में, कुंकुम से स्वस्तिक बनाकर, स्थापित कर ले और फिर हाथ जोड़ कर भगवान गणपति का ध्यान करें।

विनियोग :-ॐ अस्य श्री उच्छिष्ट गणपति मंत्रस्य कंकोलऋषि:, विराट छन्द : उच्छिष्ट गणपति देवता सर्वाभीष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोग: ।

ध्यान मंत्र:
सिंदुर वर्ण संकाश योग पट समन्वितं लम्बोदर महाकायं मुखं करि करोपमं अणिमादि गुणयुक्ते अष्ट बाहुत्रिलोचनं विग्मा विद्यते लिंगे मोक्ष कमाम पूजयेत।

ध्यान मंत्र बोलने के बाद अपना कोइ भी एक इच्छा बोलकर यंत्र पर एक लाल रंग का पुष्प अर्पित करे।

द्वादशाक्षर मन्त्र :- ॐ ह्रीं गं हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा।

om hreeng gang hasti pishaachi likhe swaha

मंत्र का नित्य 21 माला जप 11 दिनो तक मूंगे की माला से करना है! 

अंत में अनार का बलि प्रदान करें।

बलि मंत्र:- ॐ गं हं क्लौं ग्लौं उच्छिष्ट गणेशाय महायक्षायायं बलि:।

अंत में शुद्ध घृत से भगवान गणपति की आरती संपन्न करें और प्रसाद वितरित करें। इस प्रकार से साधक की मनोवांछित कामनाएं निश्चय ही पूर्ण हो जाती हैं और कई बार तो यह प्रयोग संपन्न होते ही साधक को अनुकूल फल प्राप्त हो जाता है।

कलियुग में यह साधना शीघ्र फलदायी है

Wednesday, 12 August 2026

मोदी modi

2075 तक इस्लाम भारत को टेक ओवर कर लेगा 
FCRA: 4 पादरियों ने मिलकर सरकार की गेंद फाड़ दी 
कुछ चापलूस यूट्यूबर्स की पुष्पवर्षा भी बेकार चली गई

-दिलीप पाण्डेय

भारत के एक बहुत ही प्रसिद्ध ज्योतिषी ने कल भविष्यवाणी की है कि अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो 2075 तक इस्लाम भारत पर कब्जा कर लेगा । हिंदू इस वक्त भारत में अपने आस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है । पाकिस्तान बनने के बाद से ही भारत लगातार गजवा ए हिंद की तरफ बढ़ने लगा । हिंदुओं को उम्मीद थी कि मोदी सरकार में ये रफ्तार घटेगी लेकिन अफसोस की बात ये है कि मोदी सरकार ने विभिन्न योजनाओं में अकूत लाभ देकर भारत के मुगलमानों को धन संपदा से  गच्च कर दिया है । मनमोहन सरकार से ज्यादा तेज इस्लामीकरण मोदी राज में हुआ है । इन 15 सालों में सबसे  ज्यादा वक्फ की जमीनें हड़पी गईं और वक्फ के संशोधन में सरकार अपने इस पाप का प्रायश्चित करने में नाकाम रही । ये व्यवस्था नहीं हो सकी कि हिंदुस्तान की जो जमीन हड़प ली गई है वो अब वापस कैसे आएगी ? 370 हटाने का कोई लाभ नहीं हुआ, कश्मीर में जनसंख्या अनुपात बदलने का सरकार का कोई टारगेट ही नहीं नजर आता है बल्कि रोहिंग्या को बसाकर जम्मू में भी हिंदुओं का प्रतिशत इन्हीं 15 सालों में कम कर दिया गया । अब जम्मू में यही रोहिंग्या खरगोश की तरह बच्चे पैदा करके हिंदुओं के  लिए संकट पैदा कर रहे हैं और ये सब मोदी राज में ही हो रहा है । मोदी की रीढ़ इतनी कमजोर है कि वो इन रोहिंग्या को देश से बाहर निकालने का फैसला भी नहीं ले सकता है !

मुझे मोदी पर गुस्सा इसीलिए आता है क्योंकि उन्होंने देश के इस्लामीकरण की रफ्तार को धीमा करने के लिए कुछ भी ठोस नहीं किया है ।

मोदी के समर्थकों के पास बस एक ही रटा रटाया जवाब है राम मंदिर । उनको ये सोचना चाहिए कि राम मंदिर तब तक ही उपलब्धि था जब तक वो नहीं बना था जब वो बन गया तो अब ये कोई उपलब्धि नहीं बल्कि हिंदू समाज पर एक भारी, बड़ी और गंभीर जिम्मेदारी है कि आगे 1000 साल तक ये राम मंदिर जिहादियों से कैसे सेफ रह पाएगा ? मैं आगे देख रहा हूं जबकि मोदी समर्थक पुरानी बातों में खोए हुए हैं जिसका अब कोई अर्थ नहीं रह जाता है ।

यूजीसी आंदोलन भी मोदी राज की ही देन है । हिंदुओं के अंदर सोई हुई जातीय घृणा को गलत नीतियों के माध्यम से खूंखार रूप देकर जगाने का घटिया काम भी मोदी सरकार ने ही किया है । इस साल कई नई पार्टियों की तरफ से मुझको अप्रोच किया गया कि पाण्डेय जी आप भी हमारी पार्टी में शामिल हो जाइए लेकिन मैंने उनको हमेशा इग्नोर किया है मैंने कभी ऐसे लोगों की एक भी पोस्ट को लाइक तक नहीं किया है उसकी वजह यही है कि मैं अच्छी तरह जानता और समझता हूं कि जातिवाद भारत की असल चुनौती है ही नहीं । भारत में कभी जातिवादी युद्ध हुए ही नहीं, जैसा कि दुनिया में शिया सुन्नी युद्धों में नजर आता है । भारत का असली संकट जिहाद है । ये यूजीसी के बाद बन रही पार्टियां कुछ निश्चित समय का सर्कस है । इसमें से वही पार्टी आगे सर्वाइव कर पाएगी जो हिंदुत्व के मसले पर लड़ने के योग्य होगी । 

इस वक्त मोदी सरकार एक रीढ़विहीन सरकार साबित हो चुकी है । वक्फ के समय भी 4 मौलानाओं की मेल मुलाकातों ने सरकार का सिस्टम फाड़ दिया था और अब FCRA में 4 पादरियों ने मोदी और अमित शाह की गेंद फाड़ दी । यही कटु सत्य है कि ये बिल ठंडे बस्ते में जा चुका है जबकि इस बिल में ईसाइयों के  खिलाफ कुछ भी ठोस काम नहीं होने जा रहा था । मोदी की चापलूसी में रत रहने वाले कुछ यूट्यूबर्स और फिल्म सिटी के मेन मीडिया ने FCRA को बहुत महान मास्टरस्ट्रोक साबित करने के लिए जो झूठा यशोगान और पुष्पवर्षा शुरू की, उसका असर ये हुआ कि 4 पादरी अमित शाह से आकर मिले और बिल को ठंडे बस्ते में पहुंचा दिया जबकि ये बिल पहले भी कोई विशेष महत्व का नहीं था । लेकिन मोदी की चापलूूसी में रत रहने वाले यूट्यूबर्स ने इसे विशेष बता कर प्रचारित किया जिसका असर ये हुआ कि पादरियों ने सरकार की गेंद आसानी से फाड़ दी ।


एक काम बताइए... केवल एक.... जो मोदी जी ने पिछले 12 वर्षों में भारत देश के 100 करोड़ हिंदुओं के फायदे के लिए किया हो...
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एक योजना का नाम बताइए... केवल एक... जो मोदी जी ने पिछले 12 वर्षों में भारत देश के 100 करोड़ हिंदुओं के फायदे के लिए बनाकर दी हो... (मुसलमानों के लिए 300 से ज्यादा बना कर दी गई है).
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एक कानून का नाम बताइए... केवल एक... जो मोदी जी ने 12 सालों में भारत देश के 100 करोड़ हिंदुओं के फायदे के लिए बनाया हो...
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70 सालों में कांग्रेसी सरकारों द्वारा बनाए गए ढेर सारे हिंदू विरोधी कानून में से... किसी एक कानून का नाम बताइए... केवल एक... जो मोदी जी ने पिछले 12 सालों में 100 करोड़ हिंदुओं के फायदे के लिए हटाया हो.
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आप इसमें से किसी भी प्रश्न का जवाब दे नहीं पाएंगे..


हिंदू बेवकूफ होता है.
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उसे बेवकूफ बनने में मजा भी आता है.
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बहुत जल्दी प्रचार तंत्र के झांसे में आ जाता है और झांसे में आकर व्यक्ति पूजा में जुट जाता है.
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पहले अंग्रेजों द्वारा भारतीय राजनीति में इंप्लांटेड मोहनदास को महात्मा बनाकर अपने सर पर बैठा लेता है और ईश्वर अल्लाह तेरो नाम गाना शुरू कर देता है.
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मोहन दास के गुणगान और पूजा शुरू कर देता है.
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करोड़ों की संख्या में कट जाता है अपनी मां, बहन, बेटियों की इज्जत लुटा कर... पीढियों की अपनी संपत्ति गंवाकर... जब आंखें खुलती हैं तो रोता हुआ गांधी को कोसता है और गोडसे को धन्यवाद देता है.
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फिर उसे बेवकूफ बनाने को दूसरा गुजराती आ जाता है. 56 मुस्लिम देशों की उम्मत द्वारा भारतीय राजनीति में इंप्लांटेड यह गुजराती, गुजरात दंगों में 300 से ज्यादा हिंदुओं की हत्या करने और 50,000 हिंदुओं को जेलों में ठूंस देने के बाद... त्रिपुंड लगाकर फोटो खिंचवाकर, खुद को हिंदू हृदय सम्राट बना कर दिखाने का प्रचार करता है, और देश की सत्ता प्राप्त करते ही मुसलमानों के विश्वास को जीतने का नारा देता है और जी जान से मुसलमानों का विश्वास जीतने में लग भी जाता है.  
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बेवकूफ हिंदू फिर झांसे में आकर आरती उतारने लगता है और अंधी भक्ति में जुट जाता है.
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उससे पूछो कि भैया 10 वर्षों में हमारे लिए काम क्या किया यह भी तो बताओ? 
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तो अनपढ़ अंध भक्त अपने भगवान पर उंगली उठाने के जुर्म में गाली गलौज पर उतर आता है.
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तो मेरे प्यारे... बहुत ही अकलमंद मोदी की तरह ही बिल्कुल असली डिग्री वाले हिंदूओ... जरा नीचे पूछे गए सवालों का जवाब तो देने की कोशिश तो करो.
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और नहीं दे पाओ तो आंखों पर एक पट्टी और बांधकर ईश्वर अल्लाह तेरो नाम का गाना चालू रखो.
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क्योंकि तुम बेवकूफ बनने... कटने... और मरने के लिए ही बने हो.
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हम हिंदुओं के वोटों से सत्ता सुख भोग रहे नरेंद्र मोदीजी... भाजपा... और मोहन भागवत जी कृपया हम हिंदुओं के प्रश्नों का जवाब दीजिए.
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1....... विपक्ष में रहते हुए पहले जिस सच्चर कमेटी का आप लोग स्वयं पुरजोर विरोध करते रहे... सत्ता में आने के बाद उसी सच्चर कमेटी के हिंदू विरोधी प्रावधानों को क्यों लागू कर दिया? 
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2....... CAA बना तो लिया पर उसे आज तक लागू क्यों नहीं किया? CAA के तहत जान बचाकर भारत के बॉर्डर पर इकट्ठा हुए बांग्लादेशी हिंदुओं को देश में शरण क्यों नहीं की गई??? उन्हें लुटने मरने के लिए बॉर्डर से वापस क्यों भेजा गया??? मोदी जी अपने रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमान को लाखों की संख्या में देश में बसाया है.. क्या रोते-बिलखते अपनी जान की भीख मांगते कुछ हजार हिंदुओं को हिंदुओं के देश में, हिंदुओं की सरकार, कुछ दिन भी शरण नहीं दे सकती थी???
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3....... मोदी जी द्वारा खुद गुजरात में और भाजपा द्वारा अनेक राज्यों में मुसलमानों को रिजर्वेशन का फायदा दिलाने के लिए OBC में शामिल क्यों किया गया? हमारे ओबीसी भाइयों का हक छीनकर मुसलमानों को फायदा क्यों पहुंचाया गया???
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4....... केवल दिखावे के लिए धारा 370 हटाकर 1 साल बाद ही एग्रीकल्चरल लैंड कानून बनाकर, 15 साल का डोमिसाइल लगाकर बैकडोर से धारा 370 वापस क्यों लागू कर दी गई? क्यों नहीं भारत देश के नागरिकों को कश्मीर में जमीन खरीदने का अधिकार नहीं दिया गया???
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5.... .. एन.आर.सी.... एन.आर.सी... का झुनझुना क्यों बजाते रहे... आज तक देश में एनआरसी क्यों नहीं लागू किया गया? क्यों नहीं देश में घुसे मुस्लिम घुसपैठियों की पहचान नहीं की जा रही???
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6....... मोदी जी 2014 के पहले जिन्हें देश से बाहर निकालने के लिए चीख-चीख कर भाषण देते फिर रहे थे, उन रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर क्यों नहीं भेजा?
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7....... मोदी सरकार ने दिल्ली में रोहिंग्या / बांग्लादेशी मुसलमानों को पुलिस सुरक्षा के साथ EWS फ्लैट्स क्यों दिए?
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8....... कांग्रेस से मांग करते रहे पर खुद सत्ता में आने के बाद रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित क्यों नहीं किया? विपक्ष में रहकर मोदी जी अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती करने की मांग कांग्रेस से लगातार करते रहे... पर उन्हें खुद सत्ता में आए 11 वर्ष बीत गए, अहमदाबाद का नाम कर्णावती क्यों नहीं किया गया???
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9....... प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही राम मंदिर के लिए ढाई एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए एक लाइन का अध्यादेश क्यों नहीं लाए? लगभग 5 साल कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा क्यों की गई और शंकराचार्यों, हिंदू संतो और हिंदू संगठनों द्वारा लड़े गए केस का निर्णय हिंदुओं के पक्ष में आने के बाद सारा क्रेडिट स्वयं क्यों ले लिया गया?
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10..... अयोध्या में 5 एकड़ जमीन मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए देने वाले कोर्ट के आदेश पर आपत्ति क्यों नहीं की?
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11..... हमारी आस्था के केंद्र मथुरा और काशी के मंदिरों को अपने एजेंडे से बाहर क्यों किया?
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12..... ज्ञानवापी विवाद में हिंदुओं की ओर से लड़ रहे एडवोकेट विष्णु शंकर जैन का समर्थन क्यों नहीं किया?
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13..... मुसलमानों के सबसे बड़े संगठन तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद को गिरफ्तार करने की बजाए आधी रात को देश के सर्वोच्च शक्तिशाली एनएसए अजीत डोभाल को उससे सलाह मशविरा करने के लिए भेज कर, उसे कहां और क्यों छिपा दिया गया? 
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14..... अनेक राज्यों में हिंदू हित के लिए अपनी आवाज उठा रहे आंदोलनरत हिंदुओं पर लाठियां क्यों चलवाई गईं?
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15..... बंगाल में हिंदुओं के ऊपर हिंसा, बलात्कार, आगजनी और पलायन क्यों नहीं रोका गया? क्या इसलिए कि मरता और पिटता हुआ हिंदू आप को वोट देता है और वोटों की खातिर आप उसे पिटने-मरने के लिए छोड़ देते हैं?
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16..... मणिपुर में कृष्ण भक्त मैतेयी हिंदुओं को मार रहे, उनके घरों और दुकानों को जला रहे कुकी आतंकियों के खिलाफ आप कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? क्यों नहीं उन बेकसूर हिंदुओं की हत्याओं और बलात्कार पर आपके मुंह से एक शब्द भी नहीं फूट रहा??? क्यों उन कृष्णभक्त मैंतेई हिंदुओं के ईसाई कुकी हत्यारों के साथ सरकार चला कर उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है??? क्या देश के हिंदुओं ने आपको हिंदुओं को मरवाने के लिए वोट देकर सत्ता सुख प्रदान किया था???
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17..... पूरे देश में हो रही स्वयंसेवकों, अपने कार्यकर्ताओं और अन्य हिन्दुओं की नृशंस हत्याओं पर दुख क्यों नहीं व्यक्त किया गया और शबाना आजमी को चोट लगने पर मोदी जी तुरंत संवेदना व्यक्त करने क्यों निकल आए? क्यों बाइक चोर तबरेज अंसारी, दो तस्कर पहलू खान और गौ हत्यारे अखलाक के लिए मोदी जी आंखों में आंसू लाकर बयान देने निकल आए???
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18..... हिंदू संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए के लिए अपनी जान पर खेलकर मुस्लिम तस्करों से लड़ते आ रहे जांबाज गौरक्षकों को गली का गुंडा क्यों कहा गया? उनके डोजियर तैयार करवाने का निर्देश देकर उन्हें अपराधी क्यों बनाया गया?
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19..... मेवात में दंगाई मुसलमानों से हिंदुओं की रक्षा के लिए आगे आए मोनू मानेसर और उसके साथी बहादुर हिंदू युवकों को गिरफ्तार क्यों किया गया?
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20..... केन्द्रीय स्तर पर आज तक गौहत्या निषेध कानून क्यों नहीं बनाया गया?
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21..... जीवित पशुओं को विदेश भेजकर कटवाने के लिए विक्रय करने का हिंदू धर्म विरोधी फैसला क्यों किया गया?
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22..... आतंकवादियों पर लगाम लगाने के लिए विदेशी चंदा कानून (FCRA) निरस्त क्यों नहीं किया गया?
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23..... कांग्रेसियों द्वारा बनाए गए और हिंदुओं की संपत्ति हड़प रहे वक्फ एक्ट और वक्फ बोर्ड को समाप्त क्यों नहीं किया गया?
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24..... हिंदुओं के मंदिरों पर कब्जे के लिए कांग्रेसियों द्वारा बनाए गए Places of Worship Act को निरस्त क्यों नहीं किया गया?
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25..... हिंदुओं के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त क्यों नहीं किया? हमारे मंदिरों को दिए गए दान का पैसा मुस्लिमों और ईसाइयों के समाज के लिए खर्च करने पर रोक क्यों नहीं लगाई जा रही?
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26..... मोदी जी की डबल इंजन सरकार ने कर्नाटक में 2600 से ज्यादा हिंदू मंदिर क्यों तुड़वा दिए?और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा विश्व हिंदू परिषद ने इसके विरोध में आवाज क्यों नहीं उठाई???
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27..... मोदी सरकार द्वारा काशी विश्वनाथ काॅरिडोर बनाने के लिए हजारों वर्ष पुराने सैकड़ों पुराणोक्त मंदिर व मूर्तियां क्यों तुड़वाए गए? और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा विश्व हिंदू परिषद ने इसके विरोध में आवाज क्यों नहीं उठाई???
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28..... UPSC और अन्य सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की अधिकाधिक भर्ती करने के लिए छात्रवृत्ति, मुफ्त कोचिंग आदि योजनाएं क्यों बनाईं गई? हिंदुओं पर राज करने के लिए एक एक लाख रुपए की सरकारी मदद दे दे कर और इंटरव्यू में 13-13 नंबर बढ़ाकर कांग्रेस के जमाने से 10 गुना ज्यादा मुस्लिम आईएएस और आईपीएस क्यों बनाए गए?
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29..... अयोध्या में राममंदिर के समूचे शिल्पकार्य का कान्ट्रैक्ट राम मंदिर के दुश्मन और राम मंदिर की लड़ाई के दौरान हजारों हिंदुओं के हत्यारे मुसलमानों की कंपनियों को क्यों दिया गया?
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30..... कांग्रेस से भी कई गुना ज्यादा मुस्लिम तुष्टिकरण क्यों किया जा रहा है?
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31..... पिछले 9 वर्षों के लंबे समय में आप लोगों ने अहिंसक और शांतिप्रिय हिंदुओं की रक्षा हिंसक मुसलमानों से उनकी जान माल की सुरक्षा और हितों के लिए क्या किया?
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32..... मुस्लिमों की तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए कानून क्यों नहीं लाए गए?
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33..... मुस्लिम समाज के लिए अपनी लड़कियों की शादी 15 साल में करके उनकी जनसंख्या तेजी से बढ़ा कर भारत पर कब्जा करने के षडयंत्र को रोकने के लिए कोई कानून क्यों नहीं बनाया गया. या फिर हिंदू लड़कियों की शादी 18 साल से कम पर नहीं हो सकती यह कानून क्यों नहीं हटाया गया?
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34..... ईसाइयों और मुसलमानों द्वारा हिंदुओं का तेजी से किया जाता धर्मांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून क्यों नहीं बनाया गया?
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35..... 14% मुसलमानों को हिंदुओं के खून पसीने की कमाई का 40% हिस्सा उनके लिए 300 विशेष योजनाएं बनाकर क्यों दिया गया?
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36..... हिंदुओं से अनाधिकृत रूप से जजिया कर वसूल करने वाली और हिंदुओं के उस पैसे को हिंदुओं के ही विनाश में लगाने वाली लाखों करोड़ की हलाल सर्टिफिकेशन की व्यवस्था को क्यों समाप्त नहीं किया गया? आज हिंदू अपने परिवार के लिए जो भी खरीदता है उसमें मुसलमानों के हलाल सर्टिफिकेशन का जजिया कर भी चुकाता है. यहां तक कि बाबा रामदेव तक को अपने सारे प्रोडक्ट पर हलाल सर्टिफिकेशन का निशान मुसलमानों से खरीदना पड़ता है.
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37..... क्यों पिछले 9 वर्षों में हमारे ही देश में हमारे धर्म की शिक्षा हमारे बच्चों को देने की आजादी हम हिंदुओं को नहीं दी गई?
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38..... क्यों पिछले 9 वर्षों के लंबे समय में औरंगजेब बाबर हुमायू के नकली इतिहास को हटाकर हमारे गौरवशाली इतिहास को भारत की शिक्षण व्यवस्था में शामिल नहीं किया गया?
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39..... क्यों 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो चुके हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा और सुविधाएँ नहीं दिलवा पाए? 
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40..... क्यों देश के शिक्षा तंत्र से ईसाईयों का नियंत्रण नहीं हटा पाए, जिनका एकमात्र मकसद भारत के हिंदुओं पर ईसाई सभ्यता और संस्कारों को थोप कर परोक्ष धर्मांतरण है. 
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41..... मुसलमानों की दादागिरी, गुंडागर्दी, लवजिहाद, हिंदुओं के हर त्यौहार पर पत्थरबाजी और सर तन से जुदा के विरुद्ध कानून क्यों नहीं बनाए गए?
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42..... क्यों हमारे देश की सबसे बड़ी मेजोरिटी मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त नहीं किया गया?
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43..... अल्पसंख्यक मंत्रालय और अल्पसंख्यक आयोग को खत्म क्यों नहीं किया गया?
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44...... बिल्कुल असली डिग्री वाले मोदी जी हर साल दरगाहों पर चादर चढ़ाकर हिंदुओं को क्या संदेश देना चाहते हैं???
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45..... मोहन भागवत जी... 50 साल के लिए अपने देवी देवता भूल जाओ... मुसलमानों के बिना हिंदुत्व की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती... हिंदू और मुसलमान का डीएनए एक है... हर मंदिर के नीचे शिवलिंग क्यों ढूंढना... राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लेना हमारी मजबूरी थी और संघ इसके बाद किसी भी मंदिर आंदोलन में कोई हिस्सा लेना नहीं चाहता... हिंदू समाज में समलैंगिकता महाभारत के जमाने से ही चली आ रही है... हिंदुओं में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट होता है... जैसे ज्यादा अकलमंदी भरे आपके बयानों के पीछे हिंदू समाज को कौन सी दिशा देने का इरादा होता है?



अगर आपमें मोदी जी के कपड़े, दाढ़ी, टोपी, झांकी और शानदार वीडियोज से ऊपर उठ कर देखने की दृष्टि हो... अगर तर्क करने की... प्रश्न पूछने की और सोचने की शक्ति हो आपमें... और साथ-साथ थोड़ा तथ्यों, थोड़ा घटनाओं का ज्ञान भी हो... तो जरा सोच कर बताएं...
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जिस तरह महाभारत और रामायण के युद्धों के अनुयाई... और अपने हर देवता को शस्त्रों के साथ पूजने वाले... लड़ाका हिंदुओं को अहिंसा का पाठ पढ़ाने के लिए, उनके हथियार छीन लेने के लिए और हमारे देश को लूटने के लिए अंग्रेजों ने मोहनदास गांधी को भारतीय राजनीति में इंप्लांट किया था...
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उसी तरह क्या मोदी भारतीय राजनीति में 57 मुस्लिम देशों की उम्मत (संगठन) द्वारा गजवा-ए-हिंद के लिए बढ़ाया गया एक मोहरा है?
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अगर इस दृष्टिकोण से... आप मोदी के मुख्यमंत्री शासन या प्रधानमंत्री शासन के पूरे कार्यकाल को देखेंगे तो मुसलमानों के विश्वास और मुसलमानों के तृप्तिकरण की सारी पिक्चर, सारा परिदृश्य बिल्कुल साफ साफ नजर आएगा... 
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1..... गुजरात का मुख्यमंत्री रहते 2002 के दंगों में 300 से ज्यादा हिंदुओं की हत्या मोदी ने क्यों कराई? ये पुलिस की गोलियों से मारे गए हिंदुओं की संख्या का गुजरात सरकार का ऑफिशियल फिगर है, याद रहे असली संख्या सरकारी फिगर से हमेशा कई गुना ज्यादा होती है. यहाँ ये भी याद रहे कि जलियांवालाबाग के हत्यारे जनरल डायर ने 379 मारे थे और मुल्ला मुलायम ने 28... मोदी के प्रचार तंत्र के चलते हम 28 हिन्दुओं को मारने वाले को मुल्ला मुलायम और 300 से ज्यादा हिंदुओं को मारने वाले मोदी को हिंदू हृदय सम्राट पुकारते हैं.
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2..... 50,000 से ज्यादा हिंदुओं को जेलों में क्यों डाल दिया गया? 
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3..... क्यों गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और आर एस एस का संगठन तबाह कर दिया गया? क्यों गुजरात में सैकड़ो हिंदू मंदिरों को नष्ट किया गया? जिसके विरोध में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल भी खड़े हुए थे. मोदी को गजनी ठहराते हुए उनका वीडियो इंटरनेट पर वायरल है.
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4..... क्यों हिंदुओं के गरजते शेर प्रवीण तोगड़िया को बर्बाद किया गया? 
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5..... क्यूँ हिंदू धर्म और हिंदुओं के लिए आवाज बुलंद करने वाले नूपुर शर्मा, नवीन जिंदल, अरुण यादव, काजल हिंदुस्तानी, पायल रोहतगी और राजा सिंह, बिट्टू बजरंगी, मोनू मानेसर का जीवन तबाह किया गया? क्यों हिंदुओं के लिए कानून बनाने की लगातार मांग करने वाले सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्वनी उपाध्याय को झूठे आरोपों में जेल भेजा गया?
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6..... क्यों आधी रात को देश के सबसे ज्यादा शक्तिशाली व्यक्ति नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल को भेज कर मौलाना साद को फरार होने में मदद की गई?
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7..... क्यों मुसलमानों का विश्वास जीतने और उनका तृप्तिकरण करने की बात की गई, और मुसलमानों का तुष्टिकरण करने में कांग्रेस के भी रिकॉर्ड तोड़ दिए गए और गौ रक्षकों को गली का गुंडा ठहराया गया? 
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8..... क्यों हिंदुओं पर राज करने के लिए और गजवा ए हिंद के लक्ष्य पाने में मुसलमानों को मदद करने के लिए थोक के भाव कांग्रेस के जमाने से 10 गुना ज्यादा मुस्लिम आईएएस और आईपीएस... एक एक लाख की सरकारी मदद दे दे कर और फ्री कोचिंग फ्री रहना खाना दे देकर तैयार किए गए?
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9..... क्यों मुसलमानों को 300 विशेष योजनाएं प्रदान की गईं और हिंदुओं को एक भी नहीं?
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10..... कांग्रेस तक ने जिस सच्चर कमेटी को डस्टबिन में डाल के रखा था और जिसके हिंदू विरोधी प्रावधानों का भाजपा ने विपक्ष में रहते पुरजोर विरोध किया था, उसे क्यों लागू किया गया? 
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11... क्यों फ्री वैक्सीन अधिकतर मुस्लिम देशों को दिए गए? 
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12... क्यों मुस्लिम देशों पर संकट आने पर मोदी जी... हिन्दुओं के टेक्स का आटा, दाल, चावल, ट्रक्स, संसाधन और लाव-लश्कर लेकर तुरंत मदद को दौड़ पड़ते हैं? अफगानिस्तान हो या तुर्की, पाकिस्तान हो या हमास वाला फिलिस्तीन या हिंदुओं का कत्लेआम करने वाला बांग्लादेश.
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13... क्यों बड़े-बड़े मुस्लिम देश मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाज रहे हैं? ऐसा क्या किया है मोदी ने उनके लिए... जी बड़े-बड़े मुस्लिम देश मोदी को सर्वोच्च सम्मान से इसलिए नवाज रहे हैं इसलिए पुरस्कार दे रहे हैं क्योंकि मोदी मुस्लिम एजेंडे को फॉलो कर रहे हैं...हिंदुस्तान को तेजी से गजवा ए हिंद की तरफ ले जा रहे हैं.
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14... क्यों हर मुस्लिम की मौत पर मुखर होकर बयान देने वाले मोदी हिंदुओं के मरने पर जुबान सिल कर बैठ जाते हैं? गौ हत्यारे अखलाक की हत्या पर बोलने वाले, बाइक चोर तबरेज अंसारी और गौ तस्कर पहलू खान की हत्या पर दुख व्यक्त करने वाले, और तो और शबाना आजमी के पैर में चोट लग जाने पर दुख व्यक्त करने वाले मोदी बंगाल में हजारों हिंदुओं के मर जाने पर भी एक शब्द अपने मुंह से नहीं निकालते... पूरे हिंदुस्तान में हिंदुओं की हो रही हत्याओं पर मोदी ने एक बार भी मुंह खोला हो तो हमें जरूर बताइएगा.
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15... क्यों पिछले 9 सालों के लम्बे समय में हिंदुओं के लिए अति-आवश्यक मुद्दों जैसे मुस्लिम जनसँख्या पर लगाम... हमारे मंदिरों को शासन से मुक्ति... हमारे धर्म की शिक्षा हमारे बच्चों को देने की आजादी... हमारे गौरवशाली इतिहास को शिक्षण में शामिल करना और गुलामी का इतिहास समाप्त करना... 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो चुके हिंदुओं को अल्पसंख्यक दर्जा और सुविधाएँ दिलवाना... देश के शिक्षा तंत्र से ईसाईयों का नियंत्रण हटाना... धर्मांतरण के विरुद्ध सख्त से सख्त कानून बनाना... मुसलमानों की दादागिरी, गुंडागर्दी, लवजिहाद, सर तन से जुदा के विरुद्ध कानून बनाना... हिंदुओं के पैसे से आतंकवादियों को मदद में जुटी हलाल इकोनॉमी पर बैन लगाना... हिंदुओं की सम्पत्ति हथिया रहे वक्फ बोर्ड कानून को समाप्त करना... हमारे देश की सबसे बड़ी मेजोरिटी मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त करना... अल्पसंख्यक मंत्रालय और अल्पसंख्यक आयोग समाप्त करना... हमारे हजारों मंदिरों पर मुसलमानों के कब्जे को बरकरार रखने के लिए बनाए गए प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट को हटाना... के साथ हिंदू समाज की अनेकों समस्याओं पर कोई काम नहीं किया गया... सच तो ये है कि पिछले 9 सालों में हिंदू समाज और देश के 100 करोड़ हिंदुओं की भलाई के लिए के लिए कोई भी काम किया ही नहीं गया. अगर आपके हिसाब से हमारे देश के 100 करोड़ हिंदू समाज के लिए कुछ किया गया है तो उस योजना... उस एक काम को... मुझे जरूर बताएं.
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मुझे तो पूरा यकीन है कि एक दिन हमको जरूर पता चलेगा... कि मोदी को भारतीय राजनीति में आगे बढ़ाने के लिए ही 57 मुस्लिम देशों की उम्मत ने गोधरा ट्रेन का अग्निकांड और पुलवामा विस्फोट कराया था....
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हमारे बहुत ही गुणवान मोदी जी
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अनपढ़ : मोदी जी की डिग्रियों की कहानी गूगल करें. मोदी जी के खुद के वीडियो देखें जिसमें वह खुद को अनपढ़ बताते हैं, (वीडियो नीचे कमेंट में भी है).
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ठरकी : आनंदी बेन के पति की संघ पदाधिकारियों को मेरी बीवी को मोदी से बचाओ वाली चिट्ठियां और मानसी सोनी का पीछा करवाने का किस्सा गूगल करें, दिल्ली विधानसभा में कपिल मिश्रा द्वारा बजाया गया अमित शाह और गुजरात पुलिस डीजीपी के ऑडियो टेप गूगल करके सुनिए, साथ ही इसी मामले पर आज तक द्वारा बनाई गई कार्टून फिल्म So Sorry देखिये. (वीडियो नीचे कमेंट में भी है).
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अहसान फरामोश : मोदी को आगे बढ़ाने वाले मोदी के गुरुजनों केशुभाई पटेल, शंकर सिंह वाघेला, संजय जोशी, हरेन पंड्या, प्रवीण तोगड़िया, राजनाथ सिंह और आडवाणी जी के साथ इसने क्या किया... किस किस तरह से खुद को आगे बढ़ाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए अपने हर गुरुजन को बर्बाद किया तबाह किया जानें,
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बड़बोला आत्ममुग्ध बकवासी : मंकी बातें सुने,
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अतिमहत्वाकांक्षी : अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए इसने कैसे स्वयं के परिवार में चोरी करने से लेकर संगठन तक को अपने फायदे के लिए उपयोग किया इसका इतिहास खंगालें,
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धोखेबाज़ : इसे आगे बढ़ाने वाले लोगों को इसने कैसे धोखे दिए और पीठ में खंजर उतारे उसका इतिहास गूगल करें... खास कर शंकर सिंह वाघेला, केशुभाई के विरुद्ध प्रेस कांफ्रेंस और संजय जोशी का फर्जी सीडी कांड.
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अय्याश : आनंदी बेन और मानसी सोनी की कहानियां जग जाहिर हैं और उन पर काफी बवाल पहले ही हो चूका है, उसके साथ साथ माउंट ब्लांक के लाखों के पेन, बुलगारी के लाखों के चश्में, पूरे कपड़े पर नरेंद्र दामोदर दास मोदी लिखे हुए विशेष सूट के लिए पूरी फैक्ट्री की सेटिंग बदलने वाली घटनाओं से इसकी पहले ही काफी छीछालेदर हो चुकी है, दिन में छः बार डिजाइनर ड्रेस और टोपियां में तरह तरह के श्रृंगार दर्शन भी भारत की जनता कर चुकी है. एक लाख बीस हजार रुपए किलो की गुच्छी की सब्जी और महंगे खाने के इसके शौक के बारे में गूगल करके जानिए.
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रोतला : दर्जनों बार हम सब इसे टीवी पर बिना कारण रोने की एक्टिंग करते हुए देख ही चुके हैं. मेरी मां घरों में बर्तन मांजती थी से लेकर गुलामनबी के रिटायरमेंट तक.
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हद दर्जे का भ्रष्टाचारी : जिस तरह हर राजनीतिक भ्रष्टाचारी का पैसा कोई ना कोई उद्योगपति मैनेज करता है, उसी तरह मोदी के हाई लेवल के भ्रष्टाचार का पैसा अडाणी मैनेज करता है. 2002 में मोदी के मुख्यमंत्री बनने के पहले से ही मोदी भाजपा के महासचिव के रूप में अडाणी को आगे बढ़ा रहे थे. उसके हवाई जहाज में घूम रहे थे. मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनते समय 2002 में गौतम अडाणी की नेट वर्थ मात्र 24 करोड़ थी (गूगल करके स्वयं ही देख लीजिए) और मोदी के राज में गौतम अडाणी की संपत्ति लगभग 45,833 गुना बढ़कर 11 लाख करोड़ हो गई. और गौतम अडाणी दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा पैसे वाले आदमी बन गए. आप ही बताइए ऐसी कौन सी जादू की छड़ी है जो 20 वर्षों में धन को 45,833 गुना कर दे... श्रीलंका के मामले में गौतम अडाणी और मोदी के भ्रष्टाचार की कहानी लोगों के सामने आ ही गई थी.... हिंदुस्तान में आप अंबानी पर उंगली उठा सकते हैं. आप रतन टाटा, आनंद महिंद्रा, अजीम प्रेमजी जैसे उद्योगपतियों पर उंगली उठा सकते हैं. पर जैसे ही आप अडाणी के भ्रष्टाचार की बात करते हैं... तो तुरंत भाजपा का पूरा प्रचार तंत्र और आईटी सेल गौतम अडाणी के बचाव में उतर आता है... प्रश्न पूछिए क्यों पूरी भाजपा एक उद्योगपति के बचाव में उतर आती है? क्योंकि यह मोदी का पैसा है. वह अडाणी नहीं मोदी और उसके भ्रष्टाचार के बचाव में उतरती है. और एक बात पूछिए कि जब भी अदानी किसी कंपनी को टेकओवर करता है उसके तुरंत पहले भारत सरकार उसे पर सीबीआई और ईडी का छापा क्यों मारती है?
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इसके अलावा कोरोना के दौरान बनाए गए पीएम केयर्स फंड को जिसमें देशभर की कंपनियों ने अर्बों खरबों रुपए का दान दिया था उसे सूचना के अधिकार से बाहर कर दिया गया ताकि उस का हिसाब ना देना पड़े.
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हद दर्जे का झूठा : 40 साल भीख मांग कर खाने, जीएसटी का विरोध और फिर समर्थन, आधार कार्ड कार्ड का विरोध और फिर समर्थन तथा एफडीआई का विरोध और फिर समर्थन, सत्ता में आने पर ईमानदार टेक्स पेयरों को पुरस्कार देने वाले के साथ-साथ ढेर सारे जुमले वाले इनके बयान देख लीजिए.(वीडियो नीचे कमेंट में भी है).
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हद दर्जे का बकवासी : खुद ही परख लीजिए जिसके भी बर्थ डेट का टोटल "5" आता है... ऐसा आदमी बहुत बकबक करता है... और इसी बकबक से परेशान होकर उस से पीछा छुड़ाने के लिए लोग उसका काम करके, उसे आगे बढ़ा देते हैं. 
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मानसिक रूप से अस्वस्थ : दिनभर पागलपन की हद तक कपड़े कपड़े कपड़े टोपी टोपी टोपी कैमरा कैमरा कैमरा वाले "आॅबसेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर" नामक मानसिक रोग से ग्रसित.  
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मुस्लिम परस्त : पिछले 9 वर्षों में मुसलमानों को 300 विशेष योजनाएं देने वाला, हिंदुओं पर राज करने के लिए एक एक लाख की सरकारी मदद से थोक के भाव मुस्लिम IAS और IPS बना कर पूरे विश्व में मुस्लिम देशों से उनके सर्वोच्च सम्मान हासिल करने वाला. आपदाओं के समय हिंदुओं के टैक्स के पैसे से मुस्लिम देशों की मदद को तुरंत दौड़ लगा देने वाला.
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हिंदू द्रोही : पिछले 9 वर्षों में भारत देश के 100 करोड़ हिंदुओं के फायदे के लिए "एक भी काम" नहीं करने वाला... जी... हिंदू हित का एक भी काम आप जानते हों कि इन्होंने किया है... तो हमें जरूर बताइएगा. मुसलमानों के मरने पर बयान देने वाला और हिंदुओं के मरने पर मुंह सिल कर बैठ जाने वाला.
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हिंदुओं का हत्यारा : 2002 के गुजरात दंगों में जनरल डायर और मुल्ला मुलायम की तरह 300 हिंदुओं को गोलियों से भूनने वाला हिंदुओं का हत्यारा. 
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हिंदुओं के संगठनों का विनाशक : आप ही बताइए मोदी के आने के बाद बजरंग दल और RSS का क्या हुआ? सब्जी पूड़ी बांटने वाला एनजीओ मात्र बन के रह गए, प्रवीण तोगड़िया के हिंदू हित में दहाड़ती आवाज शांत कर दी गई, दक्षिण के हिंदू शेर राजा सिंह को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया. इस संबंध में आपने मोदी के जिगर के टुकड़े जफर सरेशवाला का आप की अदालत में दिया गया "मोदी मर्दे मुजाहिद" वाला वीडियो तो देखा ही होगा.
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हिंदुओं के मंदिरों को तोड़ने वाला मलेच्छ : गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने सैकड़ों हिंदू मंदिरों को तुड़वाया था जिसके विरोध में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष श्री अशोक सिंघल ने मोदी का विरोध किया था. और मोदी को भारत के गजनी की उपाधि दी थी. जिसके ढेर वीडियो उपलब्ध हैं. काशी और अयोध्या में पुरातत्व महत्व के दर्जनों मंदिरों का विध्वंस तो आपने अपनी आंखों से देख लिया और 2600 से ज्यादा मंदिर तोड़ने वाली मोदी की हिंदू द्रोही कर्नाटक सरकार को जाते हुए भी आपने देख लिया.
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हद दर्जे का डरपोक : मुसलमानो के विष--वास वाले परिधान-मंत्री को भारत की गली की गुंडी हिंदू जनता अच्छी तरह पहचान चुकी है और शाहीन बाग, दिल्ली दंगे, बंगाल हिंसा, किसान आंदोलन, नूपुर शर्मा, राजा सिंह, मणिपुर में हिंदुओं का हत्याकांड और पलायन, मेवात का हमला, उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन को समाप्त करने वाले बयान तक दर्जनों बार इसका 5.6 सेंटीमीटर का सीना भी नाप चुकी.
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अब तो हिंदुओं की आशा केवल एक व्यक्ति से बची है असली हिंदू हृदय सम्राट योगी आदित्यनाथ. अगर भाजपा के दलालों ने योगी आदित्यनाथ को 2024 का प्रधानमंत्री उम्मीदवार नहीं बनाया तो 9 साल से बेवकूफ बन रही देश की हिंदू जनता उन्हें बेरोजगार कर देगी जैसे पहले 7 राज्यों में किया था और अब कर्नाटक में भी झोला पकड़ाया, बिल्कुल वैसे ही.
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सारे सबूत कमेंट्स में देखिये


मेरे देश वासियो देश चाहे कितना भी बर्बाद हो जाए हमने बिल्कुल भी ध्यान नहीं देना परन्तु विवशगुरु देवों के देव 
दूतों के दूत
अवतारों के अवतार 
सरदारों के सरदार , नॉन बायोलॉजिकल , अवतारी पुरुष , महामानव , अवार्डी पुरुष , विश्व गुरु , ब्रह्मांड गुरु , वर्ल्ड लीडर , ग्लोबल लीडर , दिव्य पुरुष , तिलिस्मी शक्तियों वाले , भगवान विष्णु के 56 अवतार 

शानदार , जानदार , बेहतरीन , उत्कृष्ट , लाजबाब , कमाल , अद्भुत , अविश्वनीय , प्रभावशाली , प्रेरणादायक , सहारणीय , प्रश्ननीय , उम्दा , बेमिशाल , अनुपम , अतुलनीय , अव्वल , श्रेष्ठ , सर्वेष्ठ , दमदार , जबरदस्त , काबिल ए तारीफ , गुणवान , होनहार , बुद्धिमान , समझदार , विवेकशील , अनुभवी , मेहनती , कर्मठ , ईमानदार , जुझारू , निष्ठावान , समर्पित , लगनशील , अनुशासित , विन्रम , सरल , सज्जन , नेकदिल , एकदिल , उदार , दयालु , सहृदय , मिलनसार , हंसमुख , सकारात्मक , ऊर्जावान , आत्मविश्वासी , साहसी , निडर , दृढनिश्चयी , धैर्यवान , संयमी , जिम्मेदार , भरोसेमंद , विश्वनीयता , सम्मानीय , आदरणीय , प्रेरक , प्रगतिशील , रचनात्मक , सृजनशील , कल्पनाशील , कुशल , निपुण , दक्ष , माहिर , विशेषज्ञ , प्रतिभावान , योग्य , सक्षम , सक्षम नेतृत्वकर्ता , करिश्माई , आकर्षक , ओजस्वी , तेजस्वी , गौरवान्ति करने वाला , प्रेरणा स्रोत , मिसाल , आदर्श , महान , विलक्षण , असाधारण , उत्कृष्ट व्यतित्व , उच्च विचारों वाले , जनप्रिय , कर्मयोगी , विजेता , विश्व विजेता , गौरव , नवरत्न , कोहिनूर , रत्न , खरा सोना , हीरा , न्यायप्रिय , रक्षक , आत्मबली , सत्यवादी 

महान ज्ञानी , एंट्रायर पॉलिटिकल साइंस से MA की हुए  

खूबसूरत
सुंदर,हसीन,मनमोहक,आकर्षक,लाजवाब,दिलकश,मोहक,मनोहर,रमणीय,सुहावना,प्यारा,नाज़ुक,चमकदार,दमकता,नूरानी,रौशन,अनुपम,बेमिसाल,अद्वितीय,मनभावन,लुभावना,दिलनशीं,मनमुग्धकारी,सुरम्य,आकर्षण से,भरपूर,कातिलाना,कशिशभरा,स्वर्गिक,अलौकिक,जन्नत-सा,गुलाब-सा,चाँद-सा,परी-सा,नयनाभिराम,सुडौल,मनहर,सौम्य,कोमल,मधुर,निराला,बेहतरीन,लुभावनी,शालीन,गरिमामय,तेजस्वी,मनोहारी,मनोमुग्धकारी,अनुपम सौंदर्य वाला, रूपवान

अङ्गेन गात्रं नयनेन वक्त्रं
न्यायेन राज्यं लवणेन भोज्यम्।

श्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी जोकि पूरे 800 साल बाद भारत की इस पावन धरा पर अवतार लेकर आए है साथियों , ये छुट मूट पेपर लीक , पेट्रोल इथेनॉल गिरते पुल ब्रिज बांध , बंद होते स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटी सरकारी यूनिवर्सिटी के चक्कर में उस महापुरुष को खो मत देना साथियों 

जिसकी स्तुति आज तीनों लोको और चारों दिशाओं , आठ पहर में होनी हो रही है उस व्यक्ति का विरोध नहीं किया जाना चाहिए दोस्तो , स्वय देवता जिसपर पुष्पों की बारिश करते है मोदी जी देश बर्बाद करने में आप 
का कोई सानी नहीं

🙏🙏🙏🙏❤️❤️❤️❤️😘😘😘✍️✍️✍️✍️
ये राज़ हम लोग समझ नहीं पाए
मोदी ने लाल किले से संदेश दे दिया है

-दिलीप पाण्डेय

इस साल 15 अगस्त के मौके पर लाल किले की एक तस्वीर बहुत वायरल हुई है । लेकिन सबने इसका अलग अलग अर्थ निकाला है । मैंने तस्वीर comment box में अटैच भी की है जिसमें दिखाया गया है कि मोदी ने अपने कुर्ते की जेब में तिरंगा उल्टा लगाया हुआ है यानी पहले हरा रंग फिर सफेद और इसके बाद नीचे केसरिया रंग है । शुरू में तो मुझे इस फोटो पर विश्वास नहीं हुआ कि मोदी ऐसा कैसे कर सकते हैं । फिर मैंने सरकारी चैनल पर जाकर वीडियो देखा तो पता चला कि ये फोटो तो बिलकुल सही है । अलग अलग विचारधारा के लोगों ने अलग अलग तरीके से इस फोटो पर अर्थ निकाला लेकिन सही बात क्या है ये हम आपको आज बताएंगे ।

सबसे पहली बात नोट कर लीजिए कि ये मोदी से कोई गलती नहीं हुई है कि उन्होंने तिरंगा उल्टा लगा दिया है । मोदी को इतने सालों से लगातार देख रहे हम सभी लोग ये जानते हैं कि मोदी से कभी कोई गलती नहीं होती है । मोदी अपने कपड़ों और कपड़ों के रंग से भी हमेशा जनता के बीच में संदेश देने के लिए जाने जाते हैं । मोदी ने पहले भी अपने कई सारे इंटरव्यू में ये कहा है कि वो पैकेजिंग और ब्रैंडिंग पर बहुत ध्यान देते हैं । मोदी एक औसत बुद्धि के व्यक्ति हैं और उन्होंने पैकेजिंग और ब्रैंडिंग से ही इतने सालों तक देश पर राज किया है ।

तो फिर आखिर तिरंगा उल्टा लगाने का मकसद क्या था ? आखिर मोदी क्या संदेश देना चाहते हैं ? याद कीजिए मेन मीडिया की न्यूज रिपोर्टिंग को अगर कभी कोई मुसलमान नेता तिरंगा झंडा उल्टा लगा देता है या पाकिस्तान में कई बार भारत का झंडा उल्टा लगाया गया (ये दिखाने के लिए हिंदुस्तान के झंडे में हरा रंग इस्लाम का प्रतीक है) तो न्यूज चैनल्स ने हमेशा कितनी हाय तौबा मचाई है । अभी सोनिया गांधी ने वंदेमातरम का अपमान किया है इस पर तो पूरा मीडिया आगबबूला है लेकिन मोदी जी ने जो झंडे का अपमान किया है इस पर मीडिया मौन है । इसीलिए रवीश कुमार का ये नैरेटिव जनता के बीच सेट हो चुका है कि आज का मीडिया एक गोदी मीडिया है । हालांकी लंबे अर्से से हम भी इस नैरेटिव का विरोध करते रहे लेकिन ज्यादातर एंकर मोदी की गोद में बैठे हैं ये तो सच ही है क्योंकि किसी की मोदी से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं है ।

इस उल्टे तिरंगे पर कांग्रेस पार्टी ने अलग स्टैंड लिया । उनकी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत्र ने कहा कि ये तो आयरलैंड का झंडा लग रहा था । अपनी मुस्लिम परस्ती की वजह से कांग्रेस नेताओं की जुबान पर पाकिस्तान का नाम नहीं आ सका लेकिन मैं यानी दिलीप पाण्डेय और हमारी तरह देश के लाखों नए नए मोदी विरोधी आज भी हिंदुत्ववादी हैं और अपने शब्दों के कोड़े से कांग्रेस और मोदी दोनों की बराबर खाल उधेड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ने वाले हैं ।

दरअसल मोदी पूरी तरह खुलकर मुस्लिम परस्ती पर आ चुके हैं पहले जो चेहरा दबा छुपा था उस हिंदुत्व के नकाब को अब पूरी तरह निकाल कर फेंका जा चुका है । मोदी उल्टे तिरंगे के माध्यम से मुसलमानों को संदेश देना चाहते हैं कि बीजेपी मुस्लिम विरोधी नहीं है और मुसलमान उनके खिलाफ वोट ही ना करें । पूरी टाइमलाइन नीचे दे रहा हूं इन तथ्यों पर गंभीरता से गौर कीजिए-

1- मोदी ने अपने पूरे राजनीतिक कैरियर में कभी भी मुस्लिमों का नाम लेकर उनके खिलाफ आज तक एक भी बयान नहीं दिया है ।

2-मोदी ने 2013 में मधु किश्वर से एक किताब लिखवाई मोदी एंड मुस्लिम इस किताब का लक्ष्य ये साबित करना था कि मोदी, मुसलमानों का विरोधी नहीं है और उनके राज्य में मुसलमान बहुत खुश है । जफर सरेशवाला इत्यादि को इसी काम में लगाया गया । अब्बास को मोदी जी ने अपने बचपन का मित्र भी बताया ।

3- मोदी राज में लगभग हर प्रदेश में ये अघोषित आदेश मालूम पड़ता है कि मुसलमानों को हर योजना में उनकी आबादी से कहीं ज्यादा फायदा दिया जाए । ये यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार होते हुए भी केंद्र के दबाव में होता हुआ नज़र आता है बाकी राज्यों की तो बात ही क्या करें !

4-अगर आप बीते कुछ चुनावों पर गौर करें तो दिल्ली, बिहार और बंगाल में भी चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने मुस्लिमों के खिलाफ पहले की तरह तीखा प्रचार नहीं किया है और इसका बीजेपी को फायदा भी मिल रहा है । मुसलमान इनके खिलाफ एकजुट नहीं हुआ ।

5- बीजेपी धीरे धीरे मुस्लिम वोट बैंक को अपनी तरफ खींचने का भरसक प्रयत्न कर रही है । ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बिना वजह सोफिया कुरैशी से प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाना, मोदी की राजनैतिक पैकेजिंग का ही एक हिस्सा नज़र आता है ! जिसका मुख्य मकसद मुसलमानों के इगो को सैटिस्फाई करना था । 

6- बिहार में सौगात-ए-ईदी बांटना, हर साल 50 से ज्यादा मुस्लिम आईएएस अफसरों का चयन करवाना, अल्पसंख्यक मंत्रालय के नाम पर मुस्लिमों को भारी भरकम बजट आवंटित करना । ये सब क्यों हो रहा था ? अब समझ में आता है ।

7- ओबीसी मुसलमानों को आरक्षण और यूजीसी कवच देना और बाकायदा मोदी का एक इंटरव्यू में गर्व से ये बताना कि उनके राज्य में मुस्लिमों को रिजर्वेशन मिल रहा है । 

8-भागवत का मुस्लिम प्रेम इत्यादि ऐसे तमाम उदाहरण हैं जो बताते हैं कि बीजेपी और संघ अब मुस्लिमों से कोई दुश्मनी नहीं रखना चाहती है । बल्कि समय समय पर मुस्लिम नेता आकर केंद्र सरकर के प्रतिनिधि मिलते हैं और सरकार भी उनके हुकुम को अपने सिर आंखों पर रखती है । सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी इसका बड़ा प्रमाण नज़र आता है ।

9- हिंदू धर्म के विनाश का संकल्प लेने वाले अंबेडकर और ज्योतिराव फुले का अभूतपूर्व महिमा मंडन भी इसी बात को अलग तरीके से साबित करता है ।

10- बीजेपी अब दलित ओबीसी और मुस्लिम का नया वोट बैंक तैयार करने की तरफ अपनी नीति को और आगे बढ़ाया है इससे सामान्य वर्ग अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर सकता है । हम जैसे और तमाम कट्टर राष्ट्रवादी लोग जिन्होंने मोदी के लिए जिहादियों से दुश्मनी ली और अपनी जान पर खेले, जरूर दुखी हो सकते हैं ।

इसे मोदी की कोई कूटनीति भी नहीं कहा जा सकता है क्योकि हिंदुत्व के लिए कोई ठोस काम मोदी राज में नहीं हुआ लेकिन मुस्लिमों की आर्थिक स्थिति पहले से कई गुना मजबूत हो चुकी है । मोदी और संघ का अधिक उद्देश्य सिर्फ अपनी सत्ता को बचाकर रखना है हिंदुत्व से अब उनका कोई लेना देना नहीं है ।

राजनीति नई नई संभावनाओं का खेल है, बीजेपी नई संभावनाए तलाश रही है इसके लिए चाहे ब्रह्मा जी को गालियां देने वाले ज्योतिराव फुले के तलवे ही क्यों ना चाटने पड़े ?


गुरुकुलों को नष्ट करने के लिए कौन्वैंट खोले


मैकौले के सर्वेक्षण और निष्कर्ष के बाद गुरुकुलों को नष्ट करने के लिए कौन्वैंट खोले गए जिन्हें फ्री स्कूल कहा जाता था परंतु गुरुकुल बदस्तूर चलते रहे,साढे़ सात लाख गांवों में सात लाख के करीब गुरुकुल थे जिनका भार ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर ही था!
जब गुरु कुलों को खत्म ना किया जा सका तब 1912 में बाकायदा कानून बनाकर गुरु कुलों को गैरकानूनी घोषित कर नष्ट किया गया और गुरुओं को परिवार सहित उत्पीड़न किया गया,सहायक ग्रामीणों का भी वही हाल हुआ!
तब गुरु कुल स्थानीय मंदिरों से सम्बद्ध हुआ करते थे तो मंदिरों का भी सरकार ने अधिग्रहण कर लिया और मंदिरों की सुनियोजित लूट हुई और ये सिलसिला तथाकथित आजादी के बाद भी जारी है जबकि ईसाई धर्मस्थल चर्च और इस्लामी धर्म स्थल मस्जिद दरगाहें सरकारी नियंत्रण से बाहर रहे!
जैसे शिकार के लिए कुत्तों का इस्तेमाल होता है अंग्रेजों ने मुसलमानों का इस्तेमाल सनातनियों को निपटाने के लिए किया!
ब्रिटिश संगठन कांग्रेस ने वही काम कानून बनाकर तथाकथित आजादी से पहले से ही शुरू कर दिया था जो जारी रहा!
फर्जी पंडित बाबर वंशी नैहरू ने हिंदू कोड बिल लाकर परिवार को नष्ट करने के विवाह संस्था पर हमला किया तलाक की व्यवस्था कर के और मंदिर व्यवस्था और वंशानुगत संपत्ति वितरण पर प्राविधान किए!

Tuesday, 11 August 2026

पुरुष

एक उम्र के बाद
आदमी को कुछ नहीं चाहिए होता
न कोई जीत,
न कोई प्रमाण,
न कोई ताली।

बस एक ऐसी जगह चाहिए होती है
जहाँ उससे कोई सवाल न किया जाए।

जहाँ उसे हर बात के लिए
अपने होने का कारण न बताना पड़े।

शायद पचास के आसपास
आदमी पहली बार समझता है
कि थकान शरीर में नहीं होती,
थकान उन तमाम जवाबों में होती है
जो उसने पूरी ज़िंदगी देते-देते जमा कर लिए हैं।

बचपन में
माँ ने पूछा
“इतनी देर से क्यों आए?”

पिता ने पूछा
“पढ़ाई कैसी चल रही है?”

स्कूल ने पूछा
“कितने नंबर आए?”

रिश्तेदारों ने पूछा
“बड़े होकर क्या बनोगे?”

और वह हर बार
एक नया जवाब लेकर खड़ा हो गया।

फिर जवानी आई।

तब सवाल बदल गए

“कमा कितना लेते हो?”

“कहाँ काम करते हो?”

“अपना घर कब होगा?”

“शादी कब करोगे?”

“बच्चे कब होंगे?”

और उसने फिर
अपनी ज़िंदगी को
उन सवालों के हिसाब से काट-छाँटकर
एक ऐसा आदमी बनने की कोशिश की
जिसे दुनिया स्वीकार कर सके।

फिर प्रेम आया।

वहाँ सवाल और कठिन थे

“तुम मुझसे कितना प्यार करते हो?”

“तुम्हें मेरी परवाह क्यों नहीं दिखती?”

“तुमने ऐसा क्यों कहा?”

“तुमने वैसा क्यों नहीं किया?”

और उसने सीखा
कि कभी-कभी प्यार करने से ज्यादा मुश्किल होता है
अपने प्यार को समझाना।

उसने समझाया।

बहुत समझाया।

कभी शब्दों से,
कभी चुप रहकर,
कभी अपनी गलतियाँ मानकर,
कभी अपनी सही बात छोड़कर।

फिर घर आया।

फिर बच्चे आए।

फिर जिम्मेदारियाँ आईं।

फिर उसने जाना
कि पुरुष होना शायद
हर बार मजबूत होने का नाम नहीं है

बल्कि
हर बार टूटकर भी
सुबह उठ जाने का नाम है।

वह गिरा भी होगा,
डरा भी होगा,
कई रातें ऐसी भी रही होंगी
जब उसने छत को देखते हुए सोचा होगा

“क्या मैं सही कर रहा हूँ?”

लेकिन सुबह
उसने वही चेहरा पहना
जिस पर सबको भरोसा था।

क्योंकि घर में
पिता का डर
बच्चों के लिए कोई विकल्प नहीं होता।

उसने कमाया।

हार गया।

फिर कमाया।

कुछ लोगों को खोया।

कुछ रिश्ते बचाए।

कुछ रिश्तों को
बहुत कोशिश करके भी नहीं बचा पाया।

कुछ दोस्त
सिर्फ़ पुराने फोटो में रह गए।

कुछ सपने
बैंक बैलेंस, EMI, स्कूल फीस
और जिम्मेदारियों के नीचे दब गए।

और कुछ सपने
आज भी उसके भीतर
चुपचाप साँस लेते हैं।

फिर अचानक
उसे एहसास हुआ

कि अब वह हर बात का जवाब नहीं देना चाहता।

किसी ने गलत समझ लिया
तो समझ लिया।

किसी ने उसकी नीयत पर शक किया
तो किया।

किसी को उसका मौन अहंकार लगा
तो लगे।

किसी को उसका व्यस्त रहना बेरुखी लगा
तो लगे।

अब उसमें
हर गलतफहमी को ठीक करने की ऊर्जा नहीं बची।

क्योंकि उसने पूरी ज़िंदगी
लोगों को समझाते हुए बिताई है
कि वह बुरा नहीं है।

अब वह बस इतना जानता है

जिसे मेरे साथ रहना है,
वह मेरे मौन को भी पढ़ लेगा।

और जिसे हर बार
मेरे शब्दों की गवाही चाहिए,
शायद उसे मैं कभी समझा ही नहीं पाऊँगा।

पचास के बाद
पुरुष प्रेम करना नहीं छोड़ता।

बस प्रेम का शोर छोड़ देता है।

वह अब
किसी के पीछे भागकर
अपनी जगह नहीं माँगता।

वह अब
हर बहस जीतना नहीं चाहता।

वह अब
हर रिश्ता बचाना नहीं चाहता।

वह अब
हर चोट का हिसाब नहीं रखता।

वह बस चाहता है

अपने लोगों की सलामती।

बच्चों की हँसी।

अपने कमरे में कुछ घंटे की ख़ामोशी।

शरीर में थोड़ी ताकत।

मन में थोड़ा सुकून।

और कोई ऐसा इंसान
जिसके सामने उसे
अपने मन की सफाई देने की जरूरत न पड़े।

क्योंकि पचास का पुरुष
बहुत कुछ देख चुका होता है।

उसे मालूम होता है
कि हर बहस का अंत समझ नहीं होता।

हर माफ़ी के बाद रिश्ता नहीं बचता।

हर सच पर विश्वास नहीं किया जाता।

और हर अच्छा आदमी
हर किसी के लिए अच्छा साबित नहीं हो सकता।

इसलिए अब
वह चुप रहता है।

यह चुप्पी हार नहीं है।

यह उस आदमी की
आखिरी बची हुई ताकत है
जिसने जिंदगी भर
सब कुछ ठीक करने की कोशिश की है।

अब पचास पर
वह पहली बार
अपने लिए कुछ माँगता है

कि मुझे मत समझाओ।

मुझसे मत पूछो कि मैं ऐसा क्यों हूँ।

मुझे हर बात साबित मत करने दो।

मैं थक चुका हूँ
अपने होने का प्रमाण देते-देते।

अब अगर तुम मेरे पास हो,
तो बस मेरे पास रहो।

मेरी हर चुप्पी का अर्थ मत खोजो।

हर दूरी को नाराज़गी मत समझो।

हर थकान को बेरुखी मत कहो।

कभी-कभी
एक आदमी बस थका हुआ होता है।

और कभी-कभी
उसकी चुप्पी में
पूरी ज़िंदगी बोल रही होती है।

पचास के बाद
उसे दुनिया जीतनी नहीं होती।

उसे बस
अपने भीतर बचा हुआ आदमी
बचाना होता है।

और शायद यही
उम्र का सबसे कठिन सत्य है

एक उम्र के बाद पुरुष शांति नहीं माँगता…
वह सिर्फ़ उन चीज़ों से दूर हो जाता है
जो उसकी शांति छीनती हैं।

क्योंकि अब उसके पास
सिर्फ समय कम नहीं हुआ है

बल्कि
वह पहली बार समझ गया है
कि उसका समय
उसका अपना भी है।

Monday, 10 August 2026

वाणी और मन

#स्पीच_एंड_माइंड: वाणी और मन 

ॐ वाक् मे मनसि प्रतिष्ठिता।
मनो मे वाचि प्रतिष्ठिता।।
- सरस्वती रहस्योपनिषद

ऋषि का आग्रह है कि मेरी वाणी मेरे मन मे प्रतिष्ठित हो जाय। और मेरा मन मेरी वाणी में प्रतिष्ठित हो जाय। कहने का तात्पर्य है वाणी और मन मे तालमेल बैठ जाए। दोनों में भेद न रहे। दोनों एक ही हो जाय। 

हमारे विचार ही उपद्रव हैं। हमारे अंदर चलने वाले समस्त झगड़ा, झन्थट, अशांति, बेचैनी, सब के सब विचारों की देन है।
 मन का स्वभाव है कि वह खाली नहीं बैठ सकता। उसको कोई सहारा चाहिए। माइंड अर्थात बन्दर। उसे उछल कूद ही पसंद है। मन को चाहिए उपद्रव, व्यस्तता, ऑक्यूपेशन। वे कहते हैं खाली दिमाग शैतान का घर। Empty mind is devil's workshop. 

और वाणी है संसार मे होने वाले झगड़ा झंझटों की जड़। सारे विवादों की जड़ है वाणी। और हमारी वाणी का शत प्रतिशत हिस्सा प्रायः प्रतिक्रिया है, रिएक्शन है। क्योंकि हमारा स्वभाव ही रैक्टिइनरी है। हमारी वाणी प्रायः किसी न किसी विचार या किसी न किसी व्यक्ति की प्रतिक्रिया में निकलती है। यंत्रवत, रोबोटिक।
 हम हर बात पर रियेक्ट करते हैं। हर उस बात पर, जो हमें उकसाती है, उस पर हम रियेक्ट करते हैं - पहले माइंड से, फिर वाणी से।

 रियेक्ट क्यों करते हैं? इसलिए कि हमने पहले से तय कर रखा है कि सही क्या है गलत क्या है। हमने संसार को अपने लाइक और dislike मे बांट रखा है।

"इन्द्रियस्यइन्द्रियर्थेषु राग द्वेष व्यवस्थितौ" - भगवतवीता। हमारा जब भी किसी वस्तु व्यक्ति भाव या विचार से साक्षात्कार होता है तो हम निर्णयात्मक रूप से उसे या तो पसंद करते हैं या नापसंद। अपने संस्कारों, संस्कृतियों, शिक्षा आदि के कारण ऐसा होता है। यह सामान्य बात है। लाइक और dislike हमारी मनोदशा का अंग है। यह प्राकृतिक स्वभाव है माइंड का। across the globe mind works with this inherent attitude. So mind is not only individual but cosmic too. ऐसे ही हम संसार को देखते हैं। जिसको अटटीच्यूड कहते हैं आजकल। 

ऋषि कहता है कि उसकी वाणी उसके मन मे प्रतिष्ठित हो जाय। अर्थात जो मन मे हो वह ही वाणी से निकले। वही मुखरित हो तो मन में विचार चल रहा हो। 

 लेकिन यदि ऐसा हो तो संसार मे उपद्रव खड़ा हो जाय। कोई मिलता है, उसके लिए हमारे मन मे क्रोध है, घृणा है, अनादर है, उसका गला दबाने की इच्छा हो रही है मन में, लेकिन उसे व्यक्त नहीं कर सकते? हम कहते हैं - अहोभाग्य मित्र, बड़े दिनों बाद दर्शन हो रहे हैं। वह भी प्रतिक्रिया में यही बोलेगा। परंतु संभबतः उसके अंदर भी हमारे प्रति वही भाव और विचार हों मन मे। इसलिये हम मुखौटा ओढ़ लेते हैं, सभ्यता का मुखौटा, असली अटटीच्यूड नहीं दिखाते उसे अपना। हम कहते हैं कि अहोभाग्य मित्र, बड़े दिन बाद आपके दर्शन हो रहे हैं। 

बारम्बार यही अभ्यास करते करते धीरे धीरे ऐसा ही व्यक्तित्व हमारा बन जाता हैं - झूंठा व्यक्तित्व। बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और। इसको हम पर्सनालिटी बिल्डिंग कहते हैं। लेकिन यह बेचैनी और अशांति की जड़ है। क्योंकि यह विभक्त व्यक्तित्व है। साइकेट्रिस्ट इसे कहते हैं - split Personality. Dissociated Personality Disorder ( भूल भुलैया नामक फ़िल्म इसी पर बनी है) 

इसीलिये ऋषि की प्रार्थना है कि जो मेरे मन मे हो, वही मेरी वाणी में हो। वाणी से वही बात निकले - जो मेरे मन मे हो। चाहे भला और चाहे बुरा। 

लेकिन संसार मे समस्या यह है कि जो मन में हो, और यदि वही बात निकल भी आवे तो लात खाने की संभावना बढ़ती जाएगी -
"बातहिं हांथी पाइए।
बातहिं हांथी पाव।।"

तो फिर जीवन कैसे सम्भब होगा? 
मन को निर्मल करने से, यह संभव होगा कि मन में वही विचार और भाव उत्पन्न हों जिन्हें छुपाने की आवश्यकता न पड़े। वह कैसे होगा।
 
राग द्वेष, लाइक और dislike को पीछे रखकर संसार को देखने का अभ्यास करना होगा। "See the things as they are." कठिन है। तभी तो ऋषि प्रार्थना कर रहा है सरस्वती जी से। 

ऋषि की दूसरी प्रार्थना है कि मेरा मन मेरी वाणी में प्रतिष्ठित हो जाय। अर्थात मुझे जब बोलने की आवश्यकता हो तभी मेरा मन, मेरा माइंड काम करे। वरना वह शांत बैठा रहे। यह और भी कठिन है। लेकिन यह एडवांस्ड कोर्स है। पहले वाला बेसिक कोर्स था। बेसिक वाला कोर्स होने के बाद ही इस कोर्स में प्रवेश मिलेगा।
  हमारा मन तो चलता ही रहता है दिन रात। 24 घण्टे, अनवरत, दिन रात माइंड चलता ही रहता है। लेकिन माइंड और बॉडी हमारे टूल हैं, यंत्र हैं। उनको हमारे हिसाब से चलना चाहिए न?

हमारे कमरे में ए सी लगा है, पंखा लगा है, कंप्यूटर लगा है। सभी यंत्र हैं। सब हमारे हिसाब से चलते हैं। जब हम उन्हें चलाना चाहते हैं तो स्विच ऑन कर देते हैं। जब बन्द करना होता है तो स्विच ऑफ कर देते हैं।

 माइंड को भी ऐसे ही काम करने की ट्रेनिंग देनी होगी कि जब वाणी की आवश्यकता हो, जब बोलने की आवश्यकता हो तो माइंड काम करे, अन्यथा चुपचाप बैठा रहे - शांत, चैन से, आराम से - At ease, Not disease। Completely silent. शून्य, सन्नाटा। बहुत कठिन है। इसीलिए प्रार्थना की जा रही है सरस्वती जी से। 

वैदिक साइंस में जिस शक्ति को सरस्वती के नाम से पुकारा जाता रहा है, उसे आज की भाषा मे बोला जाय तो सरस्वती हमारे माइंड और वाणी को को-ऑर्डिनेट करने वाली आंतरिक ऊर्जा या शक्ति का नाम है। 

हम हर एनर्जी को प्रणाम करते हैं। परमात्मा भी हमारे अंदर है एनर्जी के रूप में। जिसे हम चेतना या चैतन्य कहते हैं - Counciousness. 
Counciousness is fundamental - Max Plank, Nobel Prize winner Quantum Physicist. 

इसीलिए हमारे शास्त्रों में सरस्वती जी की पूजा की जाती है - क्योंकि वे माइंड और वाणी की कंट्रोलर हैं। कंट्रोलर की कृपा बनी रहे तो हांथी मिल जाय पुरस्कार स्वरूप। और कृपा न बन पायी तो - हांथी के पैर के नीचे कुचले भी जा सकते हैं:

बातहिं हांथी पाइए।
बातहिं हांथी पाव।।

इसीलिये हम जब हम प्रार्थना करते हैं:

वर दे वीणा वादनि
वर दे। 

तो हम अपने अंदर की उस ऊर्जा और शक्ति से प्रार्थना करते हैं कि हे माँ मुझे ऐसा वरदान दे कि बुद्द्धि और वाणी हमें हांथी तो दिलवावे, हांथी पाव न दिलवावे।

®त

Sunday, 9 August 2026

सरस्वती पुराण ब्रह्मा ने सरस्वती

अक्सर मुस्लिम और वामपंथी दुष्प्रचार करते हैं कि ब्रह्मा ने सरस्वती से शादी किया था लेकिन जब आप उनसे पूछोगे यह किस किताब में लिखा है तब वह कहेंगे #सरस्वती पुराण में लिखा है। 

उसके बाद जब आप उनके सामने 18 पुराणों के नाम बता देंगे और फिर आप पूछेंगे इन 18 पुराणों में कोई सरस्वती पुराण तो है ही नही, तो वह गूगल पर सर्च करेगा और कहेगा #डीएनझा की किताब में लिखा है। 

यह डीएन झा, रोमिला थापर, इरफान हबीब यह भारत के सभी इतिहासकार एक ऐसी संस्था की उपज है, जो संस्था मार्कसिस्ट हिस्टोग्राफी कहलाती है।

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में वामपंथी नेताओं ने एक प्लानिंग बनाया कि भारत जैसे देश पर वामपंथ का शासन कैसे हो सकता है क्योंकि भारत के युवा वामपंथियों के जाल में इतनी आसानी से नहीं फंसने वाले है।

तब एक क्यूबा का वामपंथी जिसका नाम में भूल रहा हूं उसने कहा था कि हमें 10 साल या 20 साल की प्लानिंग नहीं करनी होगी, हमें सबसे पहले जिस भी देश पर कब्जा करना है उस देश के इतिहास को विकृत करना पड़ेगा, उस देश के शिक्षा संस्थानों में घुसना पड़ेगा । फिर उन शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों में हम उनकी मूल संस्कृति मूल धर्म के प्रति ऐसा जहर बोयेंगे कि वह धीरे-धीरे वामपंथी विचारधारा का हो जाएगा । इसके लिए हमें कम से कम 50 से 80 साल की प्लानिंग लेकर चलनी होगी। 

 जब भारत को आजादी मिली तब वामपंथी दलों ने नेहरू से एक समझौता किया । समझौता ये कि आप देश चलाइए हम आपको देश चलाने में कोई डिस्टर्ब नहीं करेंगे और हमें आप देश के कुछ शिक्षा संस्थान दे दीजिए, इतिहास लिखने का काम दे दीजिए और हमारी पसंद का शिक्षा मंत्री नियुक्त करते रहिए। 

और आप जानते हैं कि देश की आजादी के बाद भारत का जो पहला शिक्षा मंत्री बना उसके पास कोई डिग्री नहीं थी बल्कि उसके पास मुफ्ती की डिग्री थी, वह मक्का में पैदा हुआ था और 30 साल से मक्का की मस्जिद में तकरीरें देता था। ऐसे व्यक्ति यानी मौलाना अबुल कलाम आजाद को देश का पहला शिक्षा मंत्री बनाया गया जो कट्टरपंथी हनफी की विचारधारा का मुस्लिम था और सऊदी अरब का आधिकारिक नागरिक था। 

उसके बाद वामपंथियों ने भारतीय इतिहास प्रतिष्ठान से लेकर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी तमाम जगहों पर कब्जा किया। अपने विचारधारा के इतिहासकारों से किताब लिखवाई और यह सारी किताब झूठ का पुलिंदा साबित हुई।

नेहरू के बाद इंदिरा गांधी ने भी इस परंपरा को जारी किया इंदिरा गांधी ने भी वामपंथियों को खुली छूट दे दिया कि वह इतिहास को विकृत करते रहें, अपने मनपसंद शिक्षा संस्थानों में जो चाहे वह करते रहें बस उन्हें सत्ता में कभी डिस्टर्ब ना करें। इसीलिए वामपंथियों ने इंदिरा गांधी के खिलाफ कभी कोई आवाज नहीं उठाई बल्कि इन वामपंथियों ने आपातकाल का समर्थन किया था। आपको जानना चाहिए कि एक भी वामपंथी नेता आपातकाल के समय जेल नहीं गया था।

मार्क्सवादी इतिहास इतिहासकार में से सबसे बड़े इतिहासकार प्रोफेसर डीएन झा की गवाही राम मंदिर केस में हुई थी उन्होंने बयान दिया था राम कभी हुए ही नहीं थे मुस्लिम पक्ष ने प्रोफेसर डीएन झा को अपनी ओर से अदालत में पेश किया था।

डीएन झा ने अदालत में कहा कि उन्होंने जो शोध किया है उसके अनुसार भगवान राम अयोध्या में कभी थे ही नहीं, भगवान राम एक काल्पनिक हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके ही शोध के आधार पर केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने रामसेतु तोड़ने का आदेश दिया था और सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया था कि भगवान राम काल्पनिक है वह मेरी ही शोध थी। 

हिंदू पक्ष के वकील ने डीएन झा का एक सेमिनार में दिया गया वीडियो चलाया जिसमें वह भगवान राम को शराबी और मांसाहारी बता रहे थे। उसके बाद जज ने उनसे सवाल किया कि आप एक व्यक्ति को काल्पनिक बताते हैं फिर दूसरे सेमिनार में उसी व्यक्ति को शराबी और मांसाहारी बताते हैं, ऐसा कैसे हो सकता है कि जो व्यक्ति काल्पनिक है तो आपने यह कैसे शोध कर लिया कि वह शराबी और मांसाहारी भी है? उसके बाद डीएन झा की बोलती बंद हो गई और उनकी गवाही को और उनके रिसर्च को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

अभी रक्षाबंधन के दिन तमाम अखबारों में प्रोफेसर इरफान हबीब ने जो इसी मार्कशिष्ट हिस्ट्रोग्राफी के जुड़े हुए हैं, उन्होंने एक लेख लिखा कि रक्षाबंधन के दिन अकबर से लेकर जहांगीर के दरबार में लाखों महिलाएं आती थी और मुगल बादशाह सबसे राखी बधवाते थे।

 जबकि सच्चाई यह है कि अकबर ने अपनी सगी फुफेरी बहन जो बैरम खान की पत्नी थी। जब अकबर छोटा था तब से बैरम खां और बैरम खान की पत्नी सलीमा सुल्ताना बेगम अकबर की संरक्षक थी। अकबर ने अपने ही बहनोई बैरम खां का कत्ल करवा कर अपनी सगी फुफेरी बहन से निकाह कर लिया। 

अब ऐसे दरिंदे मुगलों के दरिंदे आचरण को किस तरह से यह इतिहासकार छुपाकर एक इनकी शानदार छवि बनाने की कोशिश करते हैं सोचिए ।
भारत के इतिहासकारों ने जो गंदगी फैलाई है उसे मिटाने में कई सदी लगेगी। 

साभार