🔴बन्धो! उनके यहाँ एकादशी, जन्माष्ट्टमी आदि व्रतों में क्या किया जाय? स्मार्त्त लोग सूर्य्योदयवेध एकादशी सामान्येन नहीं करते, श्रीरामानन्दी आदि अरुणोदयवेध नहीं करते और निम्बार्की कपालवेध नहीं करते। क्या ऐसे गृहस्थ के एक ही परिवार में पृथक् दो-तीन एकादशी या दो जन्माष्ट्टमी आदि किये जायँ या एक ही? एक करें तो कौन वाला?
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