Friday, 9 October 2026

प्रेमानंद महाराज रसिक बिहारी

पीलू बाबा के प्रवचन किसको लुभाते है ????? 
       ये एक बडा सवाल है । और क्यों पीलू मशहूर हुआ ???? पीलू ने लवगुरू बनकर प्रेम की वो महिमा गाई कि पूछो ही मत । 

रसिक बनो , निकुंज मे प्रेमी का सहचरी संग प्रेमालाप ही प्रेम है । रस , भाव , सहचरी , रसिक , सौंदर्य ,राधा का नाप जपे जाओ । इसने लफंडर स्त्री एवं पुरूषो को प्रेम नाम पर एक स्वछंदता पर मुहर लगा दी ।     
     लंपट स्त्री-पुरूष अपने विवाहेत्तर और विवाह पूर्व के सेक्सुअल आकर्षण वाले रिश्ते को प्रेम कहकर उसकी स्वीकार्यता पर मचल उठे । बचा खुचा काम आज के Oyo होटलो ने पूरा कर दिया । 

          चारो तरफ राधे ही राधे गूँज रहा है । जो जितना चरित्रहीन , कुंठित और Sex deprived वो उतना ही कुटिलतापूर्वक राधे राधे जपता है । 

          कहाँ ले जा रहा था रे बाबा इस समाज को ??? चोदन पीटन और प्रेम के नाम पर , Oyo कल्चर की तरफ ?????

   बस जपते रहो राधे राधे , सौंदर्य , रस , भाव , छवि , आकर्षक , मोहक , प्रेम मे विछोह , दुख , तकलीफ । साले नपुंसको का समाज तैयार करने का इरादा था क्या ????

     शोर्य , दृढता , वीरता , दुशमनो का बेदर्दी से संहार , पुरूषार्थ , दिलेरी , वीरोचित अभिमान , जैसा एक भी शब्द आज तक इसके मुँह से नही निकला । 

     ये समाज का कोढ , माला फेरते , पुरूषार्थ विहीन , कमजोर मनोवृति के लगातार नाम रटन्तू जाॅम्बियो की फौज बनाने निकला था वीरभूमि ब्रज और पूरे देश को । 

          कुल मिलाकर इसकी पूरी बकचोदियो का सार निकाला जाये तो क्या दिया है ,पिछले दो ढाई साल मे देश और समाज को ?????

          राधा सबसे बडी शक्ति है ,जबकि वो एक काल्पनिक चरित्र है । 

दूसरा , बस नाम चपते रहो , नाम जपते जाओ । बीच मे कभी अढैया नाम के बालक की झूठी कहानी , तो कभी श्रंगार , प्राण प्यारी , सुंदर रूप , रसिक और रसिया , प्रियतमा और सहचरी । बस प्रेम के नाम पर सात खून माफ । 

       साला सगे भाईयो , मौसी की बेटी बेटो , चचेरी बहन , ताऊ की बेटी , पडोसन , विवाहेत्तर संबंधो को आतुर रसिक प्रवृति के लोगो को सामाजिक मान्यता दिलाने को ही प्रयासरत दिखा ये पीलूराम । सारी नौटंकी राधा के नाम पे । 

एक सच्ची घटना सुनो , मेरी कंपनी का एक हवलदार था । नोएडा -टप्पल क्षेत्र का । साले ने जयहिंद बोलना छोडकर , जब देखो राधे राधे । 

         राधे राधे भी बडी कुटिल टाईप मुस्कान के साथ , सिर झुकाकर बोले । हर कोई साले को नाम रखे ,मगर कुत्ते की पूँछ सीधी हो जाये तो फिर पूँछ ही कैसी ????

   उसकी इसी नौटंकी से किलसकर , मैने उसे कशमीर से दिल्ली मे अपनी एक कंपनी मे भेज दिया ।  

   भाई की 60 लाख रूपये की ताजा ताजा जमीन बिकी थी । दिल्ली मे अपनी सगी साली की युवा मगर विधवा बेटी को , किराये के कमरे मे रखकर लुगाई बना लिया और उसे फोर्स करो कि तू मेरे नाम का सिंदूर लगा । 

            साढू और साली समझते रहे कि , मौसा बेचारी लडकी की मदद कर रहा है । बीवी भी कुछ ना कहे । 

    वो लडकी भी पक्की खिलाडी निकली , मौसा तो हफ्ते मे एक दिन आकर चढता था , बाकी टाईम मे वो अपने यार बुला लेती , इसको भनक लगती , आगबबूला होता , मारपीट करता , फोन चैक करता । 

        इतना नीच इंसान की उसी भाँजी के साथ अंतरंग वीडियो काॅल करता , और आस पास ड्यूटी करते नये जवानो को दिखाता । उन जवानो पर ताना मारता कि सालो थू है तुम्हारी जवानी पे , जवानी कच्छे मे ही सूख रही है । 

         नंगे भद्दे वीडियो सबको दिखाता उसे अपनी गर्लफ्रैंड बताता ,जबकि थी उसकी सगी भाँजी । 

         एक दिन उस लडकी ने बलात्कार की कंपलेन कर दी अपने किसी दूसरे यार के कहने पर । ये फौरन दिल्ली से भागकर , कशमीर मे प्रकट हुआ । वही लुच्चो की तरह हर बात मे राधे राधे । 

   माँ के मरने का बहाना बनाकर तुरंत छुट्टी भागने को आतुर । मै भी साले की बातो मे आ गया । 

        सुबह से छुट्टी मिकला , शाम को कोर्ट के अरेस्ट वारंट सहित दो दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर हाजिर । मेरे आफिस मे बैठकर पूरा वृतांत सुनायै तो मेरे भी हाथो के तोते उड गये । हावांकि उसकी भाव-भंगिमा पर शक तो पहले से था । 

          ये भाई साहब , 15 दिन की छुट्टी गये तो फिर लौटकर नही आये , कई महीनो बाद कोर्ट मे सेरेंडर किया । एक गढवाली लेडीज I.O. थी 12 लाख उसको चढाये , 40 लाख का फ्लैट उस प्रेयसी को दिलवाया । 2024 तक तो साल जेल मे ही था । इधर विभाग ने Removed from service कर दिया । बिल्कुल मेरी आँखो देखी और भुगती हुई स्टोरी है । उसके बाद मै भी चंडीगढ चला आया । पता नही फिर उस हराम के पिल्ले का क्या बना । 

आप भी अपने आस पास जरा नजर दौडा कर देखिये , बात बात मे हद से ज्यादा , कुटिलता के साथ मुस्कुरा कर राधे -राधे बोलने वाले , ज्यादातर सैक्स मैनियाक , कुंठित , ठरकी , वासना मे डूबे हुए , और लंपट लोग ही मिलेंगें । 

        मेरा अनुभव तो ऐसा ही है , आप लोगो का पता नही ।

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