Tuesday, 20 October 2026

साबर मंत्र

साबर मन्त्रों से असाधारण चमत्कार।। 
   साबर मंत्र सीधे सादे सरल प्राकृत भाषा में लिखे होते हैं, देखने से पता ही नहीं चलता कि इन मन्त्रों में असाधारण शक्ति और चमत्कार भी भरा हुआ है, गोरखनाथ के समय से इन मंत्रों की प्रसिद्धि हुई और कलियुग में तो ये मन्त्र अन्य सभी साधना विधियों और मन्त्रों से ज्यादा प्रभावकारी चमत्कारिक और तुरन्त सिद्धि देने वाले हैं ।
अब लम्बी साधना विधियां और प्राचीन तरीके ज्यादा उपयोगी नहीं रहे हैं, इसकी अपेक्षा शीघ्र चमत्कार दिखाने वाले मन्त्र ज्यादा उपयोगी हैं, साबर मन्त्र ऐसे ही आश्चर्यजनक परिणाम दिखाने वाले हैं ।
नीचे संसार के वे श्रेष्ठ साबर मन्त्र दे रहे हैं, स्वामी अवधूतानन्दजी महाराज, जो इस युग में साबर मन्त्रों के श्रेष्ठतम चमत्कारिक व्यक्तित्व हैं ।

—योगी अवधूतानन्द
साबर मन्त्र सरल होते हुए भी सामर्थ्यवान है, सीधे साधे लगने पर भी महान शक्तिशाली हैं. छोटे महसूस होते हुए भी जल्दी और तुरन्त प्रभाव दिखाने वाले हैं, सबसे बड़ी बात यह है, कि इस प्रकार की साधनाओं में न तो विशेष विधि विधान की जरूरत है और न कर्मकाण्ड की, ये मन्त्र या इनकी साधना विधियां ज्यादा जटिल भी नहीं है, अपितु आप समाज के अन्य दुःखी लोगों की भी सहायता कर यश प्राप्त कर सकते हैं ।

लाखों साबर मन्त्रों में से कुछ चुने हुए वे साबर मन्त्र दे रहा हूं, जो परीक्षित हैं, जिनको मैंने आजमाया है, और जो हर कसौटी पर खरे उतरे हैं, जितनी बार भी इन मन्त्रों का प्रयोग किया गया इन्होंने तुरन्त सफलता एवं सिद्धि प्रदान की है ।
जैन ग्रन्थों में भी कई साबर मन्त्र हैं, जो सर्वथा गोपनीय रहे हैं मैं साबर मन्त्रों से सम्बन्धित ज्ञात अज्ञात ग्रन्थों और सिद्ध योगियों से प्राप्त साबर मन्त्र नीचे दे रहा हूं—

१- कार्य सिद्धि मन्त्र
रविवार से लाल धोती पहन कर लाल आसन पर बैठकर दक्षिण की ओर मुंह कर सामने लोबान धूप लगा कर मूंगे की माला से सवा लाख मन्त्र जप करे तो निश्चय ही उसका सोचा हुआ कार्य सिद्ध होता है, छोटा मोटा कार्य तो मात्र पांच माला मन्त्र जप करने से ही हो जाता है ।
मन्त्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं, ह्रौं ह्र: अ-सि-आ-उ-सा नमः स्वाहा

२- रोग निवारण मन्त्र
मंगलवार को या शनिवार को रोगी को सामने बिठाकर पानी का एक गिलास लेकर लोहे की कील घुमा कर फूंक दे और वह पानी रोगी को पिला दे तो उसका रोग समाप्त हो जाता है । 

मन्त्र:- ॐ गिरे मोर मोर हुलु हुलु चुलु चुलु स्वाहा ।

३- भूत उतारने का मन्त्र
यदि किसी को भूत या प्रेत लग गया हो तो उसको सामने बैठाकर दाहिनी मुट्ठी बांधकर १०८ बार मंत्र पढ़े और उसके सामने मुट्ठी खोलकर फूंक दे तो भूत-प्रेत उतर जाता है ।
मन्त्र
ॐ ह्रीं अ-सि-आ-उ-सा सर्वदुष्टानां स्तम्भय अन्धय अन्धय कुरु कुरु ह्रीं भूतादि ठः ठः ठः

४- विद्या प्राप्ति मन्त्र
यदि बालक कमजोर हो, पढ़ाई में अच्छे अंक प्राप्त न होते हों, तो भोजपत्र पर रक्त चंदन से इस मन्त्र को लिखकर ताम्बे के तावीज में डालकर काले धागे से उसके गले में पहना दे तो विद्या प्राप्ति हो ।
मन्त्र
ॐ ह्लीं अ-सि-आ-उ-सा नमो वद वद वाद वादिनी सत्यवादिनी मनुजा सुरसद सी अ-सि-आ-उ-सा नमः ।

५- परदेश लाभ-मन्त्र
परदेश में रोजगार के लिए या धन प्राप्ति के लिए जावे तो पहले इस मन्त्र का दस हजार जप कर, फिर यात्रा प्रारम्भ करें तो अवश्य ही परदेश में सफलता मिलती है ।
मन्त्र
ॐ भगवइ ए चन्दाय एसी आवाय मयूर वाहिनी ए स्वाहा ।

६- धन प्राप्ति मन्त्र
इस मन्त्र का सवा लाख जप पूर्ण श्रद्धा के साथ करे तो निश्चय ही द्रव्य प्राप्ति हो ।
मन्त्र
अरहंत, सिद्ध, आ इ रि य, उवज्झं, सव्व साहूणं

७- वशीकरण मन्त्र
एक पुष्प सामने रखकर उस पर निम्न मन्त्र का एक हजार बार उच्चारण कर वह पुष्प सम्बन्धित व्यक्ति के शरीर से स्पर्श करा दे, तो वह निश्चय ही वश में हो जाता है ।

मन्त्र
ॐ अरे अ र मोहिनी अमुकं मोहय मोहय स्वाहा ।
यहां 'अमुकं' के स्थान पर सम्बन्धित व्यक्ति का नाम उच्चारण करना चाहिए ।

८- दुष्ट निवारण मन्त्र
इस मन्त्र की नित्य पांच माला जपे और तीस दिन तक निरन्तर जपे तो दुष्ट या शत्रु का निश्चय ही क्षय होता है ।
मन्त्र
ॐ अहं अमुकं दुष्ट साध्य साध्य अ-सि-आ-उ-सा नमः ।
यहां 'अमुकं' के स्थान पर उस दुष्ट का नाम उच्चारण करे ।

९- सर्व सिद्धि प्रदायक मन्त्र
हाथ में रुमाल लेकर एक माला मन्त्र जपकर रूमाल में गांठ लगा दें और वह रूमाल जेब में रखे, तो उस दिन प्रत्येक कार्य में सिद्धि होती है ।
मन्त्र
ॐ श्री सर्व जुमोहं कुरु कुरु स्वाहा ।
पृष्ठ ३६ : मन्त्र-तन्त्र-यन्त्र विज्ञान
मन्त्र
ॐ गिरे मोर मोर हुलु हुलु चुलु चुलु स्वाहा ।
३- भूत उतारने का मन्त्र
यदि किसी को भूत या प्रेत लग गया हो तो उसको सामने बैठाकर दाहिनी मुट्ठी बांधकर १०८ बार मंत्र पढ़े और उसके सामने मुट्ठी खोलकर फूंक दे तो भूत-प्रेत उतर जाता है ।
मन्त्र
ॐ ह्रीं अ-सि-आ-उ-सा सर्वदुष्टानां स्तम्भय अन्धय अन्धय कुरु कुरु ह्रीं भूतादि ठः ठः ठः
४- विद्या प्राप्ति मन्त्र
यदि बालक कमजोर हो, पढ़ाई में अच्छे अंक प्राप्त न होते हों, तो भोजपत्र पर रक्त चंदन से इस मन्त्र को लिखकर ताम्बे के तावीज में डालकर काले धागे से उसके गले में पहना दे तो विद्या प्राप्ति हो ।
मन्त्र
ॐ ह्लीं अ-सि-आ-उ-सा नमो वद वद वाद वादिनी सत्यवादिनी मनुजा सुरसद सी अ-सि-आ-उ-सा नमः ।
५- परदेश लाभ-मन्त्र
परदेश में रोजगार के लिए या धन प्राप्ति के लिए जावे तो पहले इस मन्त्र का दस हजार जप कर, फिर यात्रा प्रारम्भ करें तो अवश्य ही परदेश में सफलता मिलती है ।
मन्त्र
ॐ भगवइ ए चन्दाय एसी आवाय मयूर वाहिनी ए स्वाहा ।
६- धन प्राप्ति मन्त्र
इस मन्त्र का सवा लाख जप पूर्ण श्रद्धा के साथ करे तो निश्चय ही द्रव्य प्राप्ति हो ।
मन्त्र
अरहंत, सिद्ध, आ इ रि य, उवज्झं, सव्व साहूणं
७- वशीकरण मन्त्र
एक पुष्प सामने रखकर उस पर निम्न मन्त्र का एक हजार बार उच्चारण कर वह पुष्प सम्बन्धित व्यक्ति के शरीर से स्पर्श करा दे, तो वह निश्चय ही वश में हो जाता है ।
मन्त्र
ॐ अरे अ र मोहिनी अमुकं मोहय मोहय स्वाहा ।
यहां 'अमुकं' के स्थान पर सम्बन्धित व्यक्ति का नाम उच्चारण करना चाहिए ।
८- दुष्ट निवारण मन्त्र
इस मन्त्र की नित्य पांच माला जपे और तीस दिन तक निरन्तर जपे तो दुष्ट या शत्रु का निश्चय ही क्षय होता है ।
मन्त्र
ॐ अहं अमुकं दुष्ट साध्य साध्य अ-सि-आ-उ-सा नमः ।
यहां 'अमुकं' के स्थान पर उस दुष्ट का नाम उच्चारण करे ।
९- सर्व सिद्धि प्रदायक मन्त्र
हाथ में रुमाल लेकर एक माला मन्त्र जपकर रूमाल में गांठ लगा दें और वह रूमाल जेब में रखे, तो उस दिन प्रत्येक कार्य में सिद्धि होती है ।
मन्त्र
ॐ श्री सर्व जुमोहं कुरु कुरु स्वाहा ।
अस्पष्ट अक्षर: ३ और ४ नम्बर के मन्त्रों में "अ-सि-आ-उ-सा" की मात्राएं छोटे छापे में साफ़ नहीं हैं (खासकर ३ नम्बर में पहला "सि/सी" और बीच के "आ")। ६ नम्बर मन्त्र में "आ इ रि य" और "उवज्झं" तथा ४ नम्बर में "मनुजा सुरसद सी" भी धुंधले हैं। बेहतर स्कैन मिले तो मैं इन्हें दोबारा जांच सकता हूं।

No comments:

Post a Comment