### मुख्य नियम (वास्तु शास्त्र के अनुसार):
- **शुभ दिशा** — सबसे अधिक सहमत राय यही है कि पूर्वजों की फोटो **दक्षिण** या **दक्षिण-पश्चिम** (South-West) दिशा की दीवार पर लगानी चाहिए।
कुछ स्रोत **पश्चिम** दिशा को भी ठीक बताते हैं।
इससे पितरों का आशीर्वाद बना रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
- **कुछ जगहों पर बिल्कुल न लगाएं** (ये अशुभ माने जाते हैं):
- उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में → इससे आर्थिक हानि, तनाव, कलह आ सकती है।
- बेडरूम, किचन, बाथरूम या बच्चों के कमरे में।
- पूजा घर/मंदिर में (भगवान की तस्वीरों के साथ कभी नहीं)।
- ऐसी जगह जहां हर कोई बार-बार देखे या मेहमानों की नजर पड़ती हो।
- **अन्य महत्वपूर्ण नियम**:
- फोटो आंखों की सीध में (न बहुत ऊंची, न बहुत नीची) लगाएं।
- एक से ज्यादा या बहुत सारी फोटो न लगाएं — आमतौर पर 1-2 ही पर्याप्त।
- जीवित लोगों की फोटो के साथ कभी न लगाएं (कुछ मान्यताओं में इससे आयु पर प्रभाव पड़ता है)।
- कुछ परंपरागत राय में फोटो को **दीवार पर लटकाने** की बजाय स्टैंड या शेल्फ पर रखना बेहतर माना जाता है, लेकिन अधिकांश आधुनिक वास्तु विशेषज्ञ दीवार पर सही दिशा में लगाने को शुभ मानते हैं।
संक्षेप में:
**हां, पूर्वजों की फोटो घर की दीवार पर लगाना शुभ है**, बशर्ते **दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा** में सही तरीके से लगाई जाए। गलत दिशा या जगह में लगाने से अशुभ हो सकता है।
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