Saturday, 24 January 2026

पूर्वजों (पितरों) की फोटो

हिंदू शास्त्रों और विशेष रूप से **वास्तु शास्त्र** के अनुसार, पूर्वजों (पितरों) की फोटो घर में दीवार पर लगाना **शुभ** माना जाता है, लेकिन यह **कुछ नियमों** और **सही दिशा** के साथ ही करना चाहिए। बिना नियमों के या गलत जगह पर लगाने से अशुभ प्रभाव पड़ सकता है, जैसे परिवार में कलह, आर्थिक परेशानी या पितृ दोष।

### मुख्य नियम (वास्तु शास्त्र के अनुसार):
- **शुभ दिशा** — सबसे अधिक सहमत राय यही है कि पूर्वजों की फोटो **दक्षिण** या **दक्षिण-पश्चिम** (South-West) दिशा की दीवार पर लगानी चाहिए।  
  कुछ स्रोत **पश्चिम** दिशा को भी ठीक बताते हैं।  
  इससे पितरों का आशीर्वाद बना रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

- **कुछ जगहों पर बिल्कुल न लगाएं** (ये अशुभ माने जाते हैं):
  - उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में → इससे आर्थिक हानि, तनाव, कलह आ सकती है।
  - बेडरूम, किचन, बाथरूम या बच्चों के कमरे में।
  - पूजा घर/मंदिर में (भगवान की तस्वीरों के साथ कभी नहीं)।
  - ऐसी जगह जहां हर कोई बार-बार देखे या मेहमानों की नजर पड़ती हो।

- **अन्य महत्वपूर्ण नियम**:
  - फोटो आंखों की सीध में (न बहुत ऊंची, न बहुत नीची) लगाएं।
  - एक से ज्यादा या बहुत सारी फोटो न लगाएं — आमतौर पर 1-2 ही पर्याप्त।
  - जीवित लोगों की फोटो के साथ कभी न लगाएं (कुछ मान्यताओं में इससे आयु पर प्रभाव पड़ता है)।
  - कुछ परंपरागत राय में फोटो को **दीवार पर लटकाने** की बजाय स्टैंड या शेल्फ पर रखना बेहतर माना जाता है, लेकिन अधिकांश आधुनिक वास्तु विशेषज्ञ दीवार पर सही दिशा में लगाने को शुभ मानते हैं।

संक्षेप में:  
**हां, पूर्वजों की फोटो घर की दीवार पर लगाना शुभ है**, बशर्ते **दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा** में सही तरीके से लगाई जाए। गलत दिशा या जगह में लगाने से अशुभ हो सकता है।

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