Tuesday, 6 January 2026

दलित शूद्र

1757 मे #प्लासी के युद्ध मे अपने हाथी और घोड़ो की #लिद साफ करने और अपनी तोपे खींचने अंग्रेज अपने साथ युगांडा, माली, केन्या,नाइजर जैसे देशो से अपने साथ कई मजदूर लाए थे, जिन मजदूरों की औलादो ने समय समय पर अंग्रेजो की #सेवा की और भारतवर्ष के रजवाड़ो के खिलाफ लडाईओ मे अंग्रेजो का साथ देकर देश को गुलाम बनाए रखने मे मदद की..
    जिसका उल्लेख बड़े दलित इतिहासकार #VT_Rajshekhar ने अपनी किताब #the_black_Untouchable_of_india मे किया है,
   और यही भीमते अपने आप को यहाँ का #मूलनिवासी बताते है,
   जो आप उनके शारीरिक ढांचे, खानपान, बर्ताव और मानसिक #बुद्धि स्तर से भी समझ सकते है 
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निर्दोष संवैधानिक अछूत

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