Thursday, 8 January 2026

स्त्री

ये बस एक प्रचलित धारणा थी कि औरत "भावुक" होती है.. अब ये धारणा टूट रही है.. जैसे जैसे औरतें घरों से आज़ाद हो रही हैं, मनोवैज्ञानिकों और सबको अब ये समझ आ रहा है कि पहले की प्रचलित भावुकता का सीधा संबंध औरत की आज़ादी से जुड़ा हुआ था.. औरत अपनी स्थिति के प्रति भावुक थी न कि रिश्ते और संबंधों के प्रति.. रिश्तों में औरतें बिल्कुल भी भावुक नहीं होती हैं

इसके उलट रिश्ते को लेकर मर्द कहीं अधिक भावुक और मूर्ख होता है.. औरत अपनी और अपनी नस्ल की सुरक्षा के लिए भावुक होती है.. ये सुरक्षा उसे किसी भी रूप में मिले उसे इस से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है.. इसीलिए वो तलाक भत्ता ले कर अपने जीवन में खुश रहती है जबकि मर्द सब दे कर आज़ाद होने के बाद भी विलाप किया करता है.. अगर कानून उल्टा हो जाए और मर्दों को गुज़ारा भत्ता मिलने लगे तो शायद एक भी मर्द अपनी औरत से भावुकता वश गुज़ारा भत्ता नहीं लेगा.. ये हक़ीक़त है

मर्द भावुक रूप से औरतों से कहीं अधिक कमज़ोर प्राणी होते हैं.. जितने भी कानून बूढ़े मर्दों ने अपनी बेटियों के प्रेम में भरकर मर्दों के खिलाफ़ बनाए हैं ये औरतें कभी नहीं कर सकती थीं.. अभी तक औरतों पर जितना भी ज़ुल्म मर्दों ने किया या उन्हें प्रताड़ित किया वो सब अपनी शारीरिक शक्ति अधिक होने के कारण किया.. वो चाहे उसने उन्हें पर्दे में रखा या फिर घरों के काम करवाए

ये सब कुछ शारीरिक शक्तियों के डर में हुआ.. भावुकता वश ये सब कभी नहीं हुआ.. औरत ने भावुक होकर खाना नहीं बनाया, औरत ने भावुक होकर बच्चे नहीं पैदा किए, औरत ने भावुक होकर कभी सेवा नहीं की.. ये सब मजबूरी और शक्ति के डर से हुआ.. जबकि मर्द ने सब कुछ, चाहे वो औरत के लिए कमाना और उसकी सुरक्षा करना, सारे परिवार को पालना और घर चलाना हो, ये सब कुछ उसने हमेशा "भावुकता" वश किया.. क्योंकि शक्ति के मामले में हमेशा औरत से अधिक मज़बूत प्राणी को आप शक्ति और बल के डर से ये सब काम कभी नहीं करवा सकते थे.. वो ये सब भावुकता वश करता था और आज भी करता है

इसलिए औरत अगर अपने पति को ये बोलती है कि "मैं तुमसे प्यार करती हूं" तो इसका अर्थ वो कभी नहीं होता है जो मर्द द्वारा "आई लव यू" कहने का होता है.. औरत के आई लव यू का अर्थ होता है कि "तुमने मुझे जो सुरक्षा दी उसके लिए मैं तुम्हें प्यार करती हूं, तुमने मुझे जितना आराम से रखा उसके लिए मैं तुम्हें प्यार करती हूं, तुमने मुझे इतने दिन जो मेरा ठीक से खर्चा उठाया उसके लिए मैं तुम्हें प्यार करती हूं".. औरत के आई लव यू कहने का ज़्यादातर समय यही "अर्थ" होता है जबकि मर्द अगर अपनी औरत को आई लव यू बोलता है तो वो पूरी तरह से "भावनात्मक" होता है.. वहां किसी सुरक्षा और किसी तरह के व्यापारिक संबंध का कोई जुड़ाव नहीं होता है

मर्द का प्रेम पूर्ण रूप से भावनात्मक होता है.. औरत का प्रेम "कैलकुलेशन" या "गुणा और गणित" होता है


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