Wednesday, 21 January 2026

शीघ्रपतन आयुर्वेद इलाज


शीघ्रपतन
अचूक रामबाण इलाज
मैथुन के समय वीर्य के शीघ्र स्खलित हो जाने को 'शीघ्रपतन' कहा जाता है। यह भी एक प्रकार की 'नपुंसकता' ही है।

कारण-'प्रमेह' के अनुसार।

लक्षण-वीर्य का पतलापन, सहवास के समय स्तंभन शक्ति का अभाव अथवा

शीघ्र स्खलित हो जाना।

चिकित्सा-यह भी 'प्रमेह' का ही एक रूप है। अतः इसमें प्रमेह नाशक औषधीय योग लाभ करते हैं। निम्नलिखित योग वीर्य को पुष्ट बनाने तथा स्तंभन शक्ति को बढ़ाने वाले हैं-

1. सूखी शकरकन्द को कूट-छान कर चूर्ण तैयार करें, फिर उससे घी तथा चीनी के साथ हलवा तैयार करें अथवा आग में भुनी हुई शकरकन्द को घी में भूनकर चीनी की चाशनी में डालकर हलवा तैयार करें। इस हलवे का सेवन करने से वीर्य गाढ़ा तथा पुष्ट होता है एवं स्तंभन शक्ति भी बढ़ती है।

2. कौंच के बीजों की गिरी का चूर्ण तथा खसखस के बीजों का चूर्ण-दोनों को 4-4 या 6-6 माशे (बलाबल के अनुसार) लेकर चूर्ण तैयार करें। इस चूर्ण को फाँक कर ऊपर से गाय का दूध पीने से वीर्य पुष्ट होता है तथा स्तंभन शक्ति में वृद्धि होती है। इसे 4 महीने तक सेवन करना चाहिए।

3. गोखुरू, तालमखाना, शतावर, कौंच के बीजों की गिरी, बड़ी खिरेंटी और गंगेरन-इन सब को 10-10 तोला लेकर कूट-पीस छानकर चूर्ण बना लें। नित्य रात के समय 6 माशा से 1 तोला तक चूर्ण फाँक कर ऊपर से गरम दूध पीने से बल वीर्य की अत्यधिक वृद्धि होती है तथा स्तंभन शक्ति बढ़ती है। इसे 60 दिनों तक सेवन करना चाहिए।

4. तरबूज के बीजों की मींगी 6 माशा तथा मिश्री 6 माशा-दोनों को मिलाकर दो-तीन महीने तक सेवन करने से बल-वीर्य खूब पुष्ट होते हैं तथा स्तंभन शक्ति बढ़ती है

5. इमली के साफ किए हुए अच्छे बीज 1 सेर लेकर उन्हें चार दिनों तक पानी भीगने दें। फिर पानी से निकाल कर उनके ऊपरी छिलके दूर कर दें तथा बीजों क सुखाकर कूट-पीस छान लें। फिर उसमें समभाग मिश्री मिलाकर रख लें। इच क 2 माशे की मात्रा में नित्य 40 दिनों तक सेवन करने तथा ऊपर से गाय का दूध पीने वीर्य बहुत गाढ़ा हो जाता है तथा स्तंभन शक्ति में वृद्धि होती है।

2 6. ढाक के वृक्ष की छाल, ढाक का गोंद, गूलर के वृक्ष की छाल, गूलर का गोंद सेमल का सूखा मूसला, सेमल का गोंद, मौलश्री की छाल, बबूल का गोंद तथा भुने हु चने-इन सबको 3-3 तोला लेकर कूट-पीस छाल लें। इस चूर्ण को 4 से 6 माशे तक क मात्रा में नित्य प्रातः-सायं खाकर ऊपर से गाय का दूध पीने से धातु पुष्टीत स्तंभन शक्ति में वृद्धि होती है। इसे 1 मास तक सेवन करना चाहिए

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