"गाव: प्रतिष्ठा भूतानाम्" देवीसाधकों के लिए साल में ४० नवरात्र होते हैं। उनमें १२, ४, २ और १ शरन्नवरात्र प्रचलन में है। प्रत्येक नवरात्रों के विभिन्न नाम हैं; यथा- चैत्रनवरात्र का श्रीरामनवरात्र, वैशाख का श्रीसीतानवरात्र, ज्येष्ठ का गङ्गानवरात्रादि। वैसे ही कार्त्तिकमास का नवरात्र गोनवरात्र है। कार्त्तिककृष्ण गोवत्सद्वादशी से शुक्ला गोपाष्टमीपर्यन्त की तिथियाँ गौ की विविध उपासनाओं के लिए अतिमहत्त्वपूर्ण हैं।
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