Friday, 31 October 2025

मथुरा निवासी ब्राह्मण

यज्ञ-मीमांसा

२२१

× मागधो माथुरश्चैव कापटः कीकटानजौ । पञ्च वित्रा न पूज्यन्ते बृहस्पतिसमा यदि ॥

( अत्रिस्मृति ३८५,३८६ )

'भेड़, बकरी पालनेवाला, चित्रकार, वैद्य और ज्योतिषी- ये चार प्रकारके ब्राह्मण यदि बृहस्पतिके सदृश विद्वान् हों तो भी इनका यज्ञादिमें पूजन नहीं करना चाहिये । 


मागध (स्तुतिपाठक), मथुरानिवासी (बहुभोजी), कपटी, कीकट देश (गया प्रदेश) अर्थात् विहार ( देखिए-भागवत ७।१०।१६ तथा ११।२१।८) और आन देशमें उत्पन्न होनेवाला-ये पाँच प्रकारके ब्राह्मण यदि बृहस्पति के सदृश विद्वान् हों तो भी इनका यज्ञादिमें पूजन नहीं करना चाहिये ।

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