अपने बुक के इस एक आदेश का पालन करते हुए तकरीबन पांच शताब्दियों के अंदर केवल यूरोप में उन लोगों ने 90 लाख महिलाओं को चुड़ैल और डायन बताकर उनकी निर्मम हत्या कर दी।
उनके रिलीजियस लीडर्स ने 1486 में अपने अनुयाइयों के लिए एक किताब छपवाई, जिसका नाम था :-
The Malleus Maleficarum (The Witch Hammer)
ये वो किताब थी, जिसको मानव इतिहास के सबसे निर्मम और सबसे अधिक कत्लेआम की किताब माना जाता है। इस किताब में उन्होंने दुनिया भर में फैले अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि डायनें और जादूगरनियाँ धरती पर शैतान की प्रतिनिधि हैं, इसलिए जादू-टोना करने वाली हर स्त्री को चुन-चुन कर जिन्दा जला दिया जाए।
जहाँ-जहाँ उनका रिलीजन पहुँचा, वहां के लोगों की मूल पूजा-विधि को उन्होंने डायन विधा और शैतानी अनुष्ठान घोषित कर दिया और उनकी नृशंस हत्या करवा दी।
रोचक ये कि किताब The Malleus Maleficarum के जो मुख्य भूमिकाकार थे, उनके नाम में "इनोसेंट" लगा था🙂
उनकी तरफ से दुनिया भर में ऐसे प्रचारक भेजे गए जिनका दावा था कि वो डायनों को देखतें ही पहचान सकतें हैं। डायनों को खोजने वाले इन एक्सपर्ट्स को "विच फाइंडर" कहा जाता था जिसमें सबसे बड़ा नाम है - इंग्लैंड के मैथ्यू हॉपकिन्स का जिसने अकेले सन 1645 से 1647 के बीच हज़ारों महिलाओं को डायन घोषित किया और जो महिला डायन होने के आरोप से इनकार करती थी, हॉपकिन्स उस पर तब तक जुल्म करता था जब तक वो डायन होना स्वीकार न ले और जब एक बार उसने स्वीकार कर लिया फिर उसे जिन्दा जला दिया जाता था।
अत्याचार की ये करुण कथा केवल मध्य युग की ही नहीं है. फ्रांस की महान देशभक्त महिला जॉन आफ आर्क (जिनके वीरता की कहानी हमने बचपन में पढ़ी थी और जो फ़्रांस-इंग्लैंड युद्ध की नायिका थी) को भी इन लोगों ने नहीं छोड़ा। उसे विधर्मी और 'चुडै़ल' घोषित कर देकर पूर्वी फ्रांस के बुरगुंडी शहर के राउन बाजार में जिंदा जला दिया गया।
अत्याचार की भीषण कहानी यही ख़त्म नहीं हुई, 1944 में इंग्लैंड में हेलेन डंकल नाम की एक महिला को 'डायन' होने के आरोप में गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया गया।
आज किसी ने मनुस्मृति में महिलाओं के बारे पर कुछ झूठी बात की तो ये सब याद आ गया
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