2075 तक इस्लाम भारत को टेक ओवर कर लेगा
FCRA: 4 पादरियों ने मिलकर सरकार की गेंद फाड़ दी
कुछ चापलूस यूट्यूबर्स की पुष्पवर्षा भी बेकार चली गई
-दिलीप पाण्डेय
भारत के एक बहुत ही प्रसिद्ध ज्योतिषी ने कल भविष्यवाणी की है कि अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो 2075 तक इस्लाम भारत पर कब्जा कर लेगा । हिंदू इस वक्त भारत में अपने आस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है । पाकिस्तान बनने के बाद से ही भारत लगातार गजवा ए हिंद की तरफ बढ़ने लगा । हिंदुओं को उम्मीद थी कि मोदी सरकार में ये रफ्तार घटेगी लेकिन अफसोस की बात ये है कि मोदी सरकार ने विभिन्न योजनाओं में अकूत लाभ देकर भारत के मुगलमानों को धन संपदा से गच्च कर दिया है । मनमोहन सरकार से ज्यादा तेज इस्लामीकरण मोदी राज में हुआ है । इन 15 सालों में सबसे ज्यादा वक्फ की जमीनें हड़पी गईं और वक्फ के संशोधन में सरकार अपने इस पाप का प्रायश्चित करने में नाकाम रही । ये व्यवस्था नहीं हो सकी कि हिंदुस्तान की जो जमीन हड़प ली गई है वो अब वापस कैसे आएगी ? 370 हटाने का कोई लाभ नहीं हुआ, कश्मीर में जनसंख्या अनुपात बदलने का सरकार का कोई टारगेट ही नहीं नजर आता है बल्कि रोहिंग्या को बसाकर जम्मू में भी हिंदुओं का प्रतिशत इन्हीं 15 सालों में कम कर दिया गया । अब जम्मू में यही रोहिंग्या खरगोश की तरह बच्चे पैदा करके हिंदुओं के लिए संकट पैदा कर रहे हैं और ये सब मोदी राज में ही हो रहा है । मोदी की रीढ़ इतनी कमजोर है कि वो इन रोहिंग्या को देश से बाहर निकालने का फैसला भी नहीं ले सकता है !
मुझे मोदी पर गुस्सा इसीलिए आता है क्योंकि उन्होंने देश के इस्लामीकरण की रफ्तार को धीमा करने के लिए कुछ भी ठोस नहीं किया है ।
मोदी के समर्थकों के पास बस एक ही रटा रटाया जवाब है राम मंदिर । उनको ये सोचना चाहिए कि राम मंदिर तब तक ही उपलब्धि था जब तक वो नहीं बना था जब वो बन गया तो अब ये कोई उपलब्धि नहीं बल्कि हिंदू समाज पर एक भारी, बड़ी और गंभीर जिम्मेदारी है कि आगे 1000 साल तक ये राम मंदिर जिहादियों से कैसे सेफ रह पाएगा ? मैं आगे देख रहा हूं जबकि मोदी समर्थक पुरानी बातों में खोए हुए हैं जिसका अब कोई अर्थ नहीं रह जाता है ।
यूजीसी आंदोलन भी मोदी राज की ही देन है । हिंदुओं के अंदर सोई हुई जातीय घृणा को गलत नीतियों के माध्यम से खूंखार रूप देकर जगाने का घटिया काम भी मोदी सरकार ने ही किया है । इस साल कई नई पार्टियों की तरफ से मुझको अप्रोच किया गया कि पाण्डेय जी आप भी हमारी पार्टी में शामिल हो जाइए लेकिन मैंने उनको हमेशा इग्नोर किया है मैंने कभी ऐसे लोगों की एक भी पोस्ट को लाइक तक नहीं किया है उसकी वजह यही है कि मैं अच्छी तरह जानता और समझता हूं कि जातिवाद भारत की असल चुनौती है ही नहीं । भारत में कभी जातिवादी युद्ध हुए ही नहीं, जैसा कि दुनिया में शिया सुन्नी युद्धों में नजर आता है । भारत का असली संकट जिहाद है । ये यूजीसी के बाद बन रही पार्टियां कुछ निश्चित समय का सर्कस है । इसमें से वही पार्टी आगे सर्वाइव कर पाएगी जो हिंदुत्व के मसले पर लड़ने के योग्य होगी ।
इस वक्त मोदी सरकार एक रीढ़विहीन सरकार साबित हो चुकी है । वक्फ के समय भी 4 मौलानाओं की मेल मुलाकातों ने सरकार का सिस्टम फाड़ दिया था और अब FCRA में 4 पादरियों ने मोदी और अमित शाह की गेंद फाड़ दी । यही कटु सत्य है कि ये बिल ठंडे बस्ते में जा चुका है जबकि इस बिल में ईसाइयों के खिलाफ कुछ भी ठोस काम नहीं होने जा रहा था । मोदी की चापलूसी में रत रहने वाले कुछ यूट्यूबर्स और फिल्म सिटी के मेन मीडिया ने FCRA को बहुत महान मास्टरस्ट्रोक साबित करने के लिए जो झूठा यशोगान और पुष्पवर्षा शुरू की, उसका असर ये हुआ कि 4 पादरी अमित शाह से आकर मिले और बिल को ठंडे बस्ते में पहुंचा दिया जबकि ये बिल पहले भी कोई विशेष महत्व का नहीं था । लेकिन मोदी की चापलूूसी में रत रहने वाले यूट्यूबर्स ने इसे विशेष बता कर प्रचारित किया जिसका असर ये हुआ कि पादरियों ने सरकार की गेंद आसानी से फाड़ दी ।
No comments:
Post a Comment