Saturday, 27 June 2026

संग्राम शब्द का अर्थ

संग्राम शब्द का अर्थ पूछूँ तो आप कहेंगे युद्ध।

लेकिन अथर्ववेद में संग्राम का तात्पर्य दो गांवों का सम्मेलन है। सम् + ग्राम = संग्राम। (सङ्ग्राम में सम् और ग्राम की संधि के कारण पंचमाक्षर नियम लागू हुआ और 'ग' व्यंजन के कारण ग से पूर्व ङ् का प्रयोग हुआ।) व्याकरण तो अपनी जगह है, पर अर्थ? अर्थ की तो ऐसी तैसी हो गई। भाषा विज्ञान के हिसाब से देखें तो 'अर्थविस्तार, अर्थसंकोच, अर्थप्रशस्ति, अर्थच्युति, अर्थापकर्ष,. अर्थान्तर, अर्थभ्रंश, अर्थादेश, अर्थभेद' में कौन सा मामला फिट होगा?

संग्राम में जहां जोड़ने का भाव था वहां विग्रह का भाव प्रकट हो गया। तत्सम शब्द के प्रयोग में ऐसा अर्थापकर्ष जबर्दस्त है।

"ये संग्रामाः समितयस्तेषु"- जहां ग्राम मिलते हैं, विमर्श करते हैं, हे भूमि हम आपको प्रणाम करते हैं। : अथर्ववेद

No comments:

Post a Comment