Sunday, 25 October 2026
देव बृक्ष
भविष्यपुराण में आता हैं कि अशोक-वृक्ष लगाने से कभी शोक नहीं होता, प्लक्ष (पाकड़) वृक्ष उत्तम स्त्री प्रदान करवाता है ज्ञानरुपी फल भी देता हैं | बिल्ववृक्ष दीर्घ आयुष्य प्रदान करता है | जामुन का वृक्ष धन देता है, तेंदू का वृक्ष कुलबुद्धि कराता है | दाडिम (अनार) का वृक्ष स्त्री-सुख प्राप्त कराता है | बकुल पाप-नाशक, यंजुल (तिनिश) बल-बुद्धिप्रद है | धातकी (धव) स्वर्ग प्रदान करता हैं | वटवृक्ष मोक्षप्रद, आम्रवृक्ष अभीष्ट कामनाप्रद और गुवाक (सुपारी) का वृक्ष सिद्धिप्रद है | वल्वल, मधूक (महुआ) तथा अर्जुन-वृक्ष सब प्रकार का अन्न प्रदान करता है | कदम्ब-वृक्ष से विपुल लक्ष्मी की प्रप्ति होती है | तिन्तिडी) इमली) का वृक्ष धर्मदूषक माना गया है | शमी वृक्ष रोग-नाशक है | केशर से शत्रुओं का विनाश होता है | श्वेत वट धनप्रदाता पनस (कटहल) वृक्ष मंद बुद्धिकारक है | मर्कटी (केंवाच) एवं कदम-वृक्ष के लगाने से संतति का क्षय होता है | शीशम, अर्जुन, जयंती, करवीर, बेल तथा पलाश- वृक्षों के आरोपण से स्वर्ग की प्राप्ति होती है | विधिपूर्वक वृक्ष का रोपण करने से स्वर्ग-सुख प्राप्त होता है और रोपणकर्ता के तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं |
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