लाल किताब है ज्योतिष निराली, जो किस्मत सोई को जगा देती है। और लाल किताब एक ऐसी किताब है आज के युग की, जिससे कि आप किसी भी समस्या का हल ले सकते हैं। हां, यह मैं नहीं सौ percent नहीं कह सकता। जो भी आपको सौ percent कहेगा कभी भी, वह झूठ बोलता होगा।
जो मैं सोचता हूं। तो तालीम, विद्या या education, यह बड़ी जरूरी है life में। तो बच्चे का या व्यक्ति जो भी हो तालीम क्योंकि कभी मुकम्मल नहीं होती। चाहे वह बचपन में है, चाहे वह जवानी में, चाहे बुढ़ापे में। तालीम का जो process है वह चलता ही रहता है।
विद्या का, पढ़ाई का, education का। तो तालीम पर लगाया हुआ क्या पैसा को investment करते हैं हम। यह विद्या पर भी पैसा लगाया आजकल investment ही है। तो क्या इसको वापस कैसे लाना है? क्या आपने जितना पैसा लगाया है उससे कई multiplication होकर वह multiply होगा,
सौ गुना हो जाए, हजार हो जाए, लाख हो जाए, उससे ज्यादा हो जाए तो वह क्या आपको वापस मिलेगा कि नहीं मिलेगा? तो लाल किताब में लिखा है कि चंद्रमा से भी हम तालीम, विद्या का, education का पता कर सकते हैं। बृहस्पति इसका देवता है।
मगर चंद्रमा अगर ठीक हो तो बृहस्पति से भी लाभ लिया जा सकता है। तो तालीम पर लगाया पैसा अगर किसी व्यक्ति का चंद्रमा number एक में है, कुंडली के खाना number एक। राशि छोड़ नक्षत्र भूला ना ही कोई पंचांग लिया। राशि नहीं देखनी।
पहले खाने में हो, पहले भाव में हो, कुंडली के लग्न में हो तो कभी खाली नहीं जाता पैसा लगाया हुआ। वापस आएगा ही आएगा। क्योंकि इसको लगाने के बाद आपने जो विद्या प्राप्त की है उससे आपको लाभ हो ही होगा।
कारामत, मदद। तालीम लिखा हुआ है कि इससे अच्छी तालीम मिलेगी जो कारामत होगी, आपको अच्छा लाभ देगी। तो घर में रखे हुए घड़े का, बर्तन का पानी कहा गया है। क्योंकि चंद्रमा पानी भी है तो पानी कहा गया है।
पानी इसलिए कहा गया है कि चंद्रमा जो है धरती माता भी है, पानी भी है। और यह दोनों ही चीजें जो हैं, यह बड़ी जरूरी है इंसान की life के लिए। तो इसमें घड़े का पानी क्यों कहा गया चंद्रमा पहले को?
क्योंकि घड़े का पानी होता है जब मर्जी उठाकर आप अपने घर में glass भरें और पी लें। मतलब you can use it, इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका मतलब है जो विद्या आपने प्राप्त की है उससे आपको लाभ हो ही होगा। ऐसी बात नहीं है कि भाई लाभ नहीं होगा।
यह note कर लें। number दो में अगर भाव में किसी के चंद्रमा है तो पहाड़ से निकलता शह-जोर उम्दा पानी। माता के रहते-रहते कहता है तालीम उत्तम फल ही देगी। जितनी देर माता की इज्जत करता रहे, माता के पांव छूता रहे,
माता की सेवा करता रहे तो तालीम, विद्या जो है, पढ़ाई जो है उससे लाभ होगा ही होगा। number तीन में किसी का चंद्रमा है। अच्छा होता है। भाई बहनों के घर में है,
उनसे प्यार भी रहता है तो रेगिस्तान का पानी इसको कहा गया है। जिस कदर तालीम बढ़ती जावे, पिता की आय कम होती जाए। अब देखिए इसमें पिता का संबंध कहां से आ गया तीसरे खाने का। क्योंकि दसवां खाना जो है पिता का है। और छठी दृष्टि और आठवीं दृष्टि से चंद्रमा देखता है।
चंद्रमा तीसरे, तीसरे में भाई बहनों के लिए तो ठीक है। मगर पिता को अगर तालीम लेगा तो लिखा हुआ है थोड़ी खराबी करेगा। और पढ़ाई रुकेगी उसकी। अगर रुक भी जाए तो दोबारा चालू हो जाएगी। ऐसा नहीं है कि पढ़ाई बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी।
और जब तक केतु कुंडली में उम्दा हो तो ना पिता को नुकसान तो ना जो है उसकी पढ़ाई में रुकावट आए। और उसकी पढ़ाई से लाभ भी रहेगा, रहेगा। अब चौथे भाव में किसी के चंद्रमा है तो चश्मे का पानी मीठा हरदम मुबारक लिखा हुआ है।
माता के असली खून का सबूत होगा। माता की तालीम अच्छी हो तो उत्तम फल मिलेगा। माता अगर ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं है तो उत्तम फल कम होगा। मगर फिर भी चश्मे का पानी कहा गया है तो उत्तम फल तो हो ही होगा।
चंद्रमा जो है आपके बच्चे को पढ़ाई अच्छी देगा। अगर पांचवे भाव में किसी के चंद्रमा है तो लिखा हुआ है आबादी के अंदर का दरिया का पानी। मतलब जैसे कोई नदी है जो कि शहर के अंदर से होकर गुजरती, गुजरती है या आपके गांव के पास से
होकर गुजरती है तो यह वह पानी है। आबादी के अंदर का दरिया। और तालीम पर लगाया हुआ जो पैसा है, अगर आप तालीम पर पैसा लगाते हैं तो पूरी लिखा हुआ है वह ज्यादा उसका लाभ नहीं प्राप्त हो सक,
हो सकता है। खुद, खुद को बजाते खुद उसको लाभ नहीं होगा। मगर ऐसे बच्चे या ऐसे आगे जब वह बड़ा हो जाता है उस व्यक्ति की। जिसका चंद्रमा पांचवें में है उसके बच्चों की तालीम बड़ी अच्छी रहेगी और technical degree वो प्राप्त कर सकते हैं।
अगर उनकी हो तो technical degree जो है वो प्राप्त करते हैं। अअ मतलब कोई भी mechanical है, engineering line है, like that। और अगर छहवें में हो तो पताल, पताल का पानी कह दिया गया है कि मगर hand pump का पानी कारामद लिखा हुआ है,
अच्छा फल देने वाला है और तकलीफें तो आएंगी। अगर आपका चंद्रमा छठे भाव में है, तकलीफें तो आएंगी मगर आप overpower कर सकते हैं। तकलीफों के बावजूद भी आपकी विद्या जो है वो अच्छा लाभ ही देगी आपको। अगर सातवें में है, सातवें भाव में कुंडली के,
आपका राशि नहीं देखनी, कुंडली के सातवें भाव में है तो खेती का, जमीन का पानी, मैदान का पानी कहा गया है। जमीन का मतलब खेती की जमीन को जो पानी लगते हैं। कि शादी होने से पहले तालीम पूरी कर लेगा। ऐसा शख्स, ऐसा जो शख्स है खुद लक्ष्मी अवतार होगा।
मगर तालीम जो है वो ज्यादा कारामद नहीं होगी। ज्यादा कारामद नहीं होगी मगर फिर भी कुछ ना कुछ उसको लाभ देगी। तो अगर आठवें में कहा गया है आबे हयात वरना जहर खाली। यहां तो बहुत ही उत्तम, यहां बहुत ही मंदा। तालीम zero या तालीम जो है पूरी तरह से
highest degree जो है वो ले सकता है और उस तालीम से फायदा भी होगा। मगर तालीम बढ़ती जाए तो माता का कष्ट भी बढ़ता जाए। इसलिए माता के कष्ट के लिए चंद्रमा आठ का उपाय जो है वह करते रहना चाहिए। पितरों के नाम पर दूध देना चाहिए।
श्मशान के कुएं का पानी घर में रखना चाहिए। ये तो आगे उपाय है ना जी, कि आगे देखना पड़ता है उसका टकराव दूसरे घर में है, दूसरे घर से छठे घर को है आठवें का, तो वो देखना पड़ेगा कि वो क्या फल देता है।
मगर तालीम पर जो है वो उसका ध्यान ना देगा। अपनी तालीम पर देगा तो औलाद की पर नहीं देगा। बेफिक्रा सा हो जाएगा। कोई बात नहीं मेरा बच्चा पढ़ रहा है तो कोई, कोई ऐसी बात नहीं, नहीं पढ़ रहा तब भी कोई बात नहीं।
अब नौवें में हो तो सागर सबसे उत्तम, आराम देने वाली तालीम। इंद्र राजा की तरह सबका पालनहारा कहा गया है। इसके बाद दसवें में अगर चंद्रमा हो किसी का तो पहाड़ों की रुकावट में बना, बनाया हुआ पानी जैसे आप कह सकते हो dam।
आजकल dam जो हैं वो पहाड़ों को बीच में जहां पर ज्यादा पहाड़ आसपास हो उसके बीच में वो पानी इकट्ठा करके बाद में जब जरूरत होती है तो वो वहां पर उधर भेज देते हैं। चाहे खेती के लिए, चाहे और किसी काम के लिए।
तो कम फायदा। मगर वो हकीम जो हो तो बड़ा अच्छा है। डॉक्टरी line adopt कर ले अच्छा है। डॉक्टरी सहायता के लिए जो साथ में worker होते हैं, सहायक होते हैं, assistant हैं, वो काम कर ले तो बड़ा अच्छा है।
जैसे कोई surgery कर रहा है doctor से, उसका assistant बन जाए। उसका काम जो है वो हकीमी और डॉक्टरी के संबंधित हो तो अच्छा फल ही मिलेगा उसको। अब अगर ग्यारह में किसी का है। ग्यारहवें भाव में किसी का है चंद्रमा तो बरसाती लाला कहा गया है।
तो पढ़ेगा तो पूरा, अगर नहीं पढ़ेगा तो अनपढ़ हाफिज तो जरूर होगा। अनपढ़ भी हो मगर उसको knowledge पूरी होगी कि क्या काम करना है, किस बात में कैसे। जैसे कई लोग जो हैं उनके पास degree नहीं होती। वैसे education का मतलब ही यही है कि degree ना
भी हो आपको कोई उसका हुनर तो होना चाहिए। आपका दिमाग ठीक चलना चाहिए तो ग्यारह वाले व्यक्ति का ऐसा दिमाग चलेगा। अगर बारहवें में हो किसी का चंद्रमा तो आसमानी पानी कहा गया है ओले। ओले जो पड़ते हैं गड़े, बर्फ। अगर शनि, राहु, केतु कुंडली में मंदे तो तालीम का फायदा ना होगा।
और श-शनि जहां है मंदा कहां पर होगा? पहले भाव में ज्यादातर मंदा माना जाता है। नीच राहु जो है वो बारहवें में, केतु छठे में। तो ये हो तो तालीम से पूरा फायदा न होगा पर पढ़े-लिखे का बाप भी होगा।
इसलिए अ-लाल किताब में इसके उपाय भी दिए गए हैं। हर एक अ-अगर तालीम प्राप्त नहीं हो रही बच्चे की तो उसमें बृहस्पति और चंद्रमा को देखकर ही उपाय बताए जा सकते हैं। मगर चंद्रमा को उत्तम करने का सिर्फ एक ही उपाय है
आपके पास कि बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते रहे। उनसे झुककर उनको सलाम करें, उनको, उनको नमस्ते करें, उनको सत श्री अकाल करें, उनको अपनी भाषा में जो भी है उनका regard करें
और तो आप जाकर आपको लाभ इसका मिल सकता है। सत श्री अकाल।
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