बांध्यो वननिधि नीरनिधि जलधि सिन्धु वारीश। सत्य तोयनिधि कम्पति (कम् = जल) उदधि पयोधि नदीश॥
(रामचरितमानस, लङ्काकाण्ड, ५)
जो वननिधि में यात्रा कर सकता है, वह वानर है। आज भी समुद्री जहाज लगने का स्थान बन्दर कहते हैं-जैसे पोरबन्दर (गुजरात), बोरीबन्दर (मुम्बई), बन्दर श्रीभगवान् (बोर्निओ), बन्दर अब्बास (इरान)। रावण पर आक्रमण के लिये सिंगापुर तथा अन्य बन्दरगाहों पर कब्जा आवश्यक था।
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