काले धतूरे का रस गोरोचन में मिलाएँ, फिर एक कनेर की लेखनी से ओजपात्र पर जिसको आकर्षित करना हो उसके नाम के साथ मन्त्र को भी लिखे । उसके बाद खैर की अग्नि जलाकर उसमें उसे तपाए तो एक योजन तक के सभी आपसे आषित हो जाएंगे। अथवा अनामिका की उंगली के रक्त से नाम लिखकर मन्त्र उसके नीचे लिखे फिर उसे शहद में डुबोए तो स्त्री और पुरुष आपसे आर्काषत हो जाएंगे । अथवा मनुष्य की खोपड़ी को किसी शमशोन से लाए । उस खोपड़ी पर गोरोचन से मन्त्र लिखकर खैर काष्ठ की अग्नि में उसे तीन सांझ तक मन्त्र पढ़-पढ़ कर तपाते रहे तो रूठी हुई स्त्री भी आक-षित हो जाएगी । पहले आप दस हजार बार मन्त्र जप कर उन्हें सिद्ध कर लें ।
मन्त्र
नमो देव आदि रूपाय अमुकस्य आकर्षण कुरु कुरु स्वाहा ।
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