जैसे यह कि रिलिजन को धर्म क्यों लिखा गया, लोगों को नहीं पता। थियोलॉजी का अनुवाद ब्रह्म विद्या करने जैसा महापाप क्यों किया गया है, किसी को नहीं पता।
चर्च को यहां गिरजाघर क्यों कहा गया है, यह महा पाप क्यों हुआ, यह भी किसी को नहीं पता ।
वह यह है कि पादरियों ने जानबूझकर अंग्रेजी हिंदी शब्द कोष (Dictionary) तैयार करने का काम किया
कामिल बुल्के जैसे लोग रामचरितमानस के जानकार थे और भारत में उसके प्रभाव के जानकार थे और जब वह देखते हैं कि सीता माता गिरिजा मंदिर में जाकर ही अपनी मनोकामना की विनती करती हैं तो उन्होंने गिरजाघर का महत्व समझ लिया और चर्च का अनुवाद गिरिजा घर कर डाला।
यह बहुत ही धूर्तता थी लेकिन सामान्य हिंदू तो क्या अपने आप को बड़ा सजग हिंदू कहने वाले लोग कितनी मामूली बातें तक नहीं जानते?
चर्च को गिरजाघर क्यों कहना?
यह तो महा पाप है, झूठ है।
Theology को ब्रह्म विद्या कहना महा पाप है, भीषण झूठ है, अनर्थ है।
Religion को धर्म कहना महा पाप है, अनर्थ है,, झूठ है।
अपने आप को प्रबुद्ध मानते हुए भी इन सब झूठ छलो और पापों को जानने का प्रयास न करना भी लज्जास्पद् है ।
मैं तो वर्षों से यह सब कह रहा हूं लेकिन जो प्रसिद्ध है चमकदार है शासन के द्वारा भी जिसको पद दिया हुआ है, अखबार में जो ज्यादा चमकता है या चैनल में,
उसको ही लोग सुनते हैं
बाकी को तो गुनते ही नहीं।
झूठ ही आकर्षक है ,
सत्य अनाकर्षक लगता होगा शायद।
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