पहली बात , घुंघराले बाल मोटे होंठ और लंबे कान, ये भारतीयों की पहचान हे ही नहीं, ये पहचान अफ्रीकन या ग्रीक लोगों की हे
बौद्ध ग्रन्थ सुत्तपिटक (खुद्दक_निकाय) के "बुद्धवंस के अनुसार गौतम बुद्ध से पहले 24 और बुद्ध अवतार लेकर दुनिया मे आये थे! "
इन बुद्धावतारों की कहानियाँ भी पाखण्डों से कम नहीं हैं,सबसे पहली बात तो ये सारे के सारे बुद्ध अय्याश थे, क्योंकि इनके अन्तःपुर (हरम) मे हजारों महिलायें थीं! और दूसरी बात त्रिपिटक मे गौतम बुद्ध ने अपने से पूर्व के बुद्धावतारों की जितनी आयु और शारीरिक लम्बाई बतायी है, उससे तो लगता है गौतम बुद्ध भी काफी हद तक "बुद्धू" ही था।
"बुद्धवंस" में गौतम बुद्ध ने बताया है कि "दीपङ्कर_बुद्ध" की तीन हजार रानियाँ थी, और इनकी सम्पूर्ण आयु एक लाख वर्ष थी! साथ ही इनकी शारीरिक ऊँचाई अस्सी हाथ थी!!
"कौण्डिन्य_बुद्ध" की तीन लाख रानियाँ थी, और इनकी भी आयु एक लाख वर्ष थी! जबकि इनकी शारीरिक ऊँचाई अट्ठासी हाथ थी!!
"मङ्गल_बुद्ध" की तीस हजार रानियाँ थी, और इनकी आयु नब्बे हजार वर्ष थी!!
"सुमन_बुद्ध" के हरम मे तिरसठ लाख स्त्रियाँ थी, और इनकी आयु नब्बे हजार वर्ष थी, तथा सुमन बुद्ध की लम्बाई भी नब्बे हाथ की थी!!
ऐसे ही "रेवत_बुद्ध" की तैंतीस हजार स्त्रियाँ थी और आयु साठ हजार वर्ष की थी, इनकी भी शारीरिक ऊँचाई अस्सी हाथ की थी!
अब विवशता यह है कि एक पोस्ट मे सारे चौबीस बुद्धों का वृतांत लिखने से पोस्ट बहुत बडी़ हो जायेगी!
पर पाठकगण यह जान लें कि गौतम बुद्ध के अनुसार सभी बुद्धों की आयु कई हजार वर्षों की थी, और सभी के सभी अपने हरम मे कई हजार स्त्रियाँ रखते थे, साथ ही सभी की शारीरिक ऊँचाई भी 80-100 हाथ थी।
वैसे यहाँ एक बात और विचारणीय है कि जब इन बुद्धों की शारीरिक लम्बाई अस्सी/नब्बे हाथ थी तो इनके शरीर के दूसरे अंग इसी अनुपात मे कितने लम्बे होते रहे होंगे?
क्या ये सब बातें विश्वास योग्य हैं और पहली ही नज़र में नहीं लगतीं कि गप्पें हैं? हम
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